PM Modi का आत्मनिर्भरता का आह्वान: भारत की नई आर्थिक नीति का ऐलान
नई दिल्ली में पीएम मोदी का स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर अमेरिका की मनमानी टैरिफ नीतियों और एकाधिकारवादी आर्थिक फैसलों के बीच भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा का संकल्प लिया है। हाल के समय में अमेरिका ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए अपने हितों को प्राथमिकता दी है, जैसे कि मनमाने टैरिफ लगाना और रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर पेनल्टी लगाने की धमकी देना। इस संदर्भ में, लाल किले से पीएम मोदी ने कहा कि अब कोई ग्लोबलाइजेशन की बात नहीं कर रहा है, सभी केवल अपने हितों की रक्षा कर रहे हैं। ऐसे में भारत को भी अपने हितों की सुरक्षा स्वयं करनी होगी। उन्होंने अगले 7 वर्षों में 70 साल के रुके हुए कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया।
भारत के लिए 40 से अधिक देशों के साथ FTA
पीएम मोदी ने बताया कि भारत अब किसी एक या दो देशों की आर्थिक नीतियों पर निर्भर नहीं रहेगा। 2014 के बाद से भारत लगभग 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर कार्य कर रहा है। इस विशाल बाजार का लाभ देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के टेक्सटाइल, मशीनरी और दवाइयों जैसे उत्पादों को वैश्विक मानकों पर खरा उतरते हुए हर बाजार में पहुंचना चाहिए। इसके लिए उत्पादन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ग्लोबलाइजेशन के दौर में भारत का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़े रहने के लिए 'नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म' की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक और किसानों को अपनी पारंपरिक सोच और कार्यशैली में बड़े बदलाव करने होंगे। लाल किले से उन्होंने 'सप्तधारा' का नारा दिया, जिसे अगले 5 से 7 वर्षों में लागू किया जाएगा ताकि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि पुराने नीति-नियमों से देश का भविष्य नहीं गढ़ा जा सकता, बल्कि नए नियम और नीतियां आने वाले सपनों और आवश्यकताओं के अनुरूप बनानी होंगी।
मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और ग्रीन इकोनॉमी पर ध्यान
भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर बड़े उत्पादों का निर्माण घरेलू स्तर पर करना आवश्यक है। रक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत और पूरी दुनिया ने यह समझ लिया है कि डिफेंस में आत्मनिर्भरता के बिना कोई विकल्प नहीं है। भारत को अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अगली पीढ़ी की डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करके एक बड़ा वैश्विक सप्लायर बनना है। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर नए ग्रीन जॉब्स के अवसर पैदा किए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि कृषि को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए, फूड प्रोसेसिंग और FTA के माध्यम से भारतीय किसानों के लिए अब पूरी दुनिया का बाजार खुल चुका है।
