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PMEGP योजना में लोन और सब्सिडी की प्रक्रिया में देरी पर उठे सवाल

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लोन और सब्सिडी प्राप्त करने में देरी की समस्या पर चर्चा की गई है। कई आवेदकों ने बताया है कि प्रक्रिया में लगभग 7 महीने का समय लग जाता है। सरकार ने इस मुद्दे पर आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें पिछले 5 वर्षों में 7.36 लाख से अधिक आवेदनों को अस्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, योजना की प्रक्रिया और सरकार की पहल के बारे में भी जानकारी दी गई है। जानें इस योजना के तहत लोन और सब्सिडी की प्रक्रिया में सुधार के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
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लोन और सब्सिडी में देरी की समस्या

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत आवेदन करने के बाद लोन और सब्सिडी प्राप्त करने में देरी पर लंबे समय से चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। कई आवेदकों ने बताया है कि लोन और सब्सिडी की प्रक्रिया में लगभग 7 महीने का समय लग जाता है। हाल ही में, 30 जुलाई 2026 को लोकसभा सांसद श्रेयस एम. पटेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार से सवाल उठाया। सरकार का कहना है कि आवेदन को प्रोसेस करने में औसतन 58 दिन, बैंक द्वारा लोन मंजूर करने में 70 दिन और KVIC द्वारा मार्जिन मनी सब्सिडी जारी करने में 84 दिन लगते हैं। इस प्रकार, आवेदन से लेकर सब्सिडी जारी होने तक की प्रक्रिया में कुल मिलाकर लगभग 212 दिन का समय लगता है, जो हर मामले में भिन्न हो सकता है।


आवेदनों की अस्वीकृति

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में 7.36 लाख से अधिक आवेदनों को बैंकों ने अस्वीकृत किया है, जो कि कुल आवेदनों का 50 प्रतिशत से अधिक है। 2025-26 में 1,63,205 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 74,499 अस्वीकृत हुए, जो कि 45.65 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, लगभग 41,612 आवेदन लंबित रहे।


PMEGP की जानकारी

PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) भारत सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को अपने व्यवसाय या उद्योग स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में नए उद्यमों को वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो सकें। इसके अंतर्गत, मैन्युफैक्चरिंग के लिए 50 लाख और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध है।


आवेदन की प्रक्रिया

PMEGP में आवेदन करने से लेकर सब्सिडी प्राप्त करने तक, आवेदनों और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके बाद, बैंक यह निर्धारित करता है कि लोन दिया जा सकता है या नहीं। लोन मंजूर होने पर लाभार्थी को अपनी हिस्सेदारी जमा करनी होती है। इसके साथ ही, जहां आवश्यक हो, वहां EDP प्रशिक्षण भी पूरा करना होता है। इसके बाद, बैंक सरकार से मार्जिन मनी (सब्सिडी) का दावा भेजता है, जिसके बाद सब्सिडी जारी की जाती है। इस प्रक्रिया में 7 महीने तक का समय लग सकता है।


सरकार की पहल

सरकार का कहना है कि वह PMEGP योजना की निगरानी कर रही है ताकि लोन मंजूरी और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जा सके। इसके लिए लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा की जाती है। बैंकों और सरकारी अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। इसके अलावा, आवेदकों की सुविधा के लिए PMEGP पोर्टल पर 1,000 से अधिक मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई हैं।


हेल्पडेस्क और जागरूकता अभियान

सरकार ने हर राज्य में PMEGP हेल्पडेस्क स्थापित किए हैं, जहां आवेदकों को आवेदन भरने, योजना की जानकारी प्राप्त करने और किसी भी समस्या में सहायता मिलती है। इसके अलावा, लोगों को इस योजना और धन के सही उपयोग के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। PMEGP पोर्टल को जन समर्थ पोर्टल से भी जोड़ा गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया और भी सरल हो गई है।