आस्था और परंपरा का महासंगम- आगरा में जनकसुता को ब्याहने 6 अक्टूबर को बारात लेकर निकलेंगे दशरथ पुत्र श्री राम
-उत्तर भारत की सबसे बड़ी राम बारात- 7 अक्टूबर से 3 दिन तक चलेंगे जनकपुरी में विवाह कार्यक्रम
-आगरा में श्री राम बारात के स्वागत के लिए जनक पुरी का मिथिला महल तैयार
-मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भी किया गया है आमंत्रित
आगरा, 05 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद आगरा में उत्तर भारत की सबसे बड़ी श्री राम शोभा यात्रा 6 अक्टूबर को परंपरागत रूप से निकाली जाएगी। जनक दुलारी सीता को ब्याहने के लिए दशरथ नंदन श्री राम बारात लेकर सिकंदरा क्षेत्र में तैयार की गई मिथिला नगरी पहुंचेंगे। मिथिला भवन में श्री राम के आगमन पर कई स्थानों पर तोरण द्वार बनाकर श्रद्धालु अपने आराध्य की आरती उतार कर उनका भव्य स्वागत और पूजन करेंगे।
करीब 150 वर्ष पुरानी आगरा की श्री रामलीला आयोजन के दौरान पितृ पक्ष में निकाली जाने वाली श्री राम की भव्य और दिव्य शोभायात्रा 06 अक्टूबर को लाला चन्नोमल की बाराद्वारी, मनकामेश्वर गली से दोपहर बाद करीब तीन बजे प्रारंभ होकर नगर भ्रमण के उपरांत थाना क्षेत्र सिकंदरा अंतर्गत भावना स्टेट स्थित मिथिला महल पर 7 अक्टूबर को सुबह संपन्न होगी। श्री राम बारात मनकामेश्वर वाली गली से प्रारंभ होगी जिसमें दशरथ नंदन प्रभु श्री राम मयूररुपी भव्य रथ पर विराजमान होंगे और उनके साथ उनके भाई लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न शेषनाग के स्वरूप में बने रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के उपरांत मिथिला महल पहुंचेंगे। शोभायात्रा में करीब 200 झांकियां और आगरा के सभी प्रमुख बेंड सम्मिलित रहेंगे। मिथिला महल में 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक सीता विवाह के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आगरा की ऐतिहासिक रामलीला कहीं हिस्सा है राम बारात-
आगरा की श्री रामलीला महोत्सव समिति के महासचिव राजीव अग्रवाल ले जानकारी देते हुए बताया कि 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर मुकुट पूजन के साथ आगरा की करीब डेढ़ सौ साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव का शुभारंभ हो चुका है जिसके अंतर्गत 30 सितंबर से रामलीला मैदान में मंचीय लीलाओं का शुभारंभ, एक अक्टूबर को श्रीराम जन्मोत्सव,दो अक्टूबर को सीता जन्मोत्सव, तीन अक्टूबर को ताड़का वध व पुष्प वाटिका,चार अक्टूबर को धनुष यज्ञ व लक्ष्मण-परशुराम संवाद , पांच अक्टूबर को जनकपुरी से निमंत्रण लीला कार्यक्रमों का आयोजन भभ्यता से हो चुका है। इस श्रृंखला की सबसे भव्य,सुंदर, ऐतिहासिक कार्यक्रम, छह अक्टूबर को प्रभु श्रीराम की बारात निकलेगी, इस वर्ष श्रीराम बारात में 200 से अधिक झांकियां, अखाड़े और बैंड शामिल होंगे। झांकियों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ सामाजिक संदेश भी दिए जाएंगे।
जनक महल सिर्फ एक मंच नहीं बल्कि भक्ति, स्थापत्य और शिल्प का भव्य संग
जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने बताया कि सिकंदरा स्थित भावना एस्टेट रोड पर कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट के निकट करीब 300 गुणा 150 फीट के परिसर में तैयार जनकपुरी की शुरूआत छह अक्टूबर को माता सीता का डोला नगर भ्रमण से होगी। इसके बाद सात, आठ और नौ अक्टूबर को जनक महल से स्वरूप लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। जनक महल इस बार सिर्फ एक मंच नहीं, भक्ति, स्थापत्य और शिल्प का भव्य संगम बना नजर आएगा।
कोलकाता से आए 62 कारीगर दिन-रात जनक महल को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं। निर्माण में करीब छह हजार बल्लियां और तीन हजार लोहे की ट्रेस लगाए जा रहे हैं। लकड़ी, कपड़े और रोड आयरन से ढांचा तैयार हो रहा है। विशेष बात यह है कि इसमें कहीं भी प्लास्टिक और रस्सी का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को रामलीला और जनकपुरी का निमंत्रण दिया गया है और उनके आने की पूरी संभावना है।
जनकमहल निर्माण में नेपाली स्थापत्य शैली ,जोधपुर के झरोखे, बंगाल की रोशनी का समावेश
जनक महल की वास्तुशैली इस बार मुख्य आकर्षण रहेगी। महल का मूल स्वरूप नेपाल शैली में होगा, जबकि झरोखों और बालकनी में जोधपुर की राजस्थानी स्थापत्य कला की झलक मिलेगी। बंगाल से आए कारीगर इसकी नक्काशी और बारीक सजावट को अंतिम रूप दे रहे हैं। रात में बंगाल से मंगाई गई विशेष लाइटिंग जनक महल को रोशन करेगी। बंगाल के कारीगर जेके राय बताते हैं कि नक्काशी, झरोखों, बालकनियों और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे दिन में इसकी स्थापत्य सुंदरता और रात में रोशनी के बीच इसकी भव्यता अलग दिखाई दे।
मिथिला महल के 60 फ़ीट ऊँचे मुख्य मंच पर होंगे सभी कार्यक्रम
मुख्य मंच पर चारों भाई, माता जानकी, ऋषि-मुनि, राजा दशरथ और राजा जनक अपनी रानियों के स्वरूपों संग विराजमान होंगे। श्रद्धालुओं सभी प्रमुख पात्रों के दर्शन एक साथ कर पाएं इसके लिए मंच पर विशेष फोकस लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे दूर से भी प्रभु श्रीराम, माता सीता और अन्य स्वरूपों के स्पष्ट दर्शन हो सकें। जनक महल परिसर में तीन मंच होंगे, मुख्य मंच स्वरूपों के लिए, दूसरे मंच पर सम्मान समारोह और तीसरे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। नील फ्लोरेंस के पास प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग मंच तैयार किया जाएगा।
करीब 2600 व्यक्तियों के एक साथ बैठने की व्यवस्था
दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जनक महल परिसर में करीब दो हजार श्रद्धालुओं के लिए स्थान का प्रबंध किया जा रहा है। वीआइपी गैलरी में सोफे पर करीब 600 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रशासनिक अधिकारियों, मजिस्ट्रेट, मंत्री, मीडिया, श्री रामलीला कमेटी और जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के लिए सात अलग-अलग ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। प्रवेश बैरिकेडिंग के जरिए होगा, जबकि बाबा नीब करौली मंदिर के पास से निकासी व्यवस्था होगी।
राम बारात के दौरान चाक चौबंद रहेगी सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाएं
उल्लेखनीय है कि भारत की सबसे महत्वपूर्ण श्री राम की भव्य और दिव्य शोभा यात्रा को देखने लाखों की संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं जिला पुलिस और प्रशासन द्वारा इस भव्य आयोजन के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। विगत वर्ष भी इस आयोजन के सफलतापूर्वक संपन्न होने के लिए 10 कंपनी पीएसी और करीब 2000 पुलिस कर्मियों कों लगाया गया था। इस वर्ष भी रामलीला और जनकपुरी आयोजन में पुलिस व्यवस्था में कोई कोरकसर नहीं छोडी जाएगी।
डीसीपी ट्रैफिक आगरा रविंद्र कुमार ने बताया कि राम बारात एवं जनकपुरी कार्यक्रमों के आयोजन को देखते हुए डायवर्सन किया गया है, अन्य मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहेगी वह यातायात व्यवस्था को संभालेंगे, लोग रूट देखकर ही निकले।किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विवेक उपाध्याय
