लाल किले में डिमना झील के नाम पर बनी दर्शक दीर्घा, जमशेदपुर की जल विरासत को मिली राष्ट्रीय पहचान
पूर्वी सिंहभूम, 18 अगस्त (हि.स.)। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जमशेदपुर की डिमना झील को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। नई दिल्ली के लाल किले में आयोजित समारोह में देश की प्रमुख झीलों के नाम पर दर्शक दीर्घाओं का नामकरण किया गया, जिसमें डिमना झील को भी शामिल किया गया। टाटा स्टील ने मंगलवार को जारी बयान में इसे जमशेदपुर और झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया।
भारत सरकार की इस पहल में देश की 25 प्रमुख झीलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य जल विरासत को सम्मान देने के साथ जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डिमना झील का चयन जमशेदपुर की दशकों पुरानी जल संरक्षण व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन की परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर पहचान देता है।
1944 में शुरू हुई थी जलापूर्ति
जमशेदपुर की बढ़ती जल जरूरतों को देखते हुए डिमना झील के निर्माण की योजना बनाई गई थी। वर्ष 1930 के दशक के अंतिम वर्षों में शहर की भविष्य की जलापूर्ति के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम शुरू हुआ। इसके बाद टाटा स्टील ने दलमा पर्वतमाला के आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों से वर्षाजल संग्रहित करने के उद्देश्य से डिमना नाला जलापूर्ति योजना तैयार की।
परियोजना का निर्माण फरवरी 1940 में शुरू हुआ और 1944 में पूरा हुआ। 17 अप्रैल 1944 को पहली बार डिमना झील से जमशेदपुर शहर को जलापूर्ति शुरू हुई। करीब 7,500 मिलियन गैलन की भंडारण क्षमता वाले इस जलाशय ने आगे चलकर शहर की जल व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दलमा की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित डिमना झील आज भी जमशेदपुर की जलापूर्ति व्यवस्था की प्रमुख कड़ी है। जल उपलब्ध कराने के साथ ही झील और इसका आसपास का क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक जलग्रहण क्षेत्र और हरियाली से घिरा यह जलाशय शहर के पर्यावरणीय संतुलन में योगदान देता है।
पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र
समय के साथ डिमना झील जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो गई। इसका प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है। नौकायन और रोइंग जैसी गतिविधियों ने भी झील को शहर के सामाजिक और मनोरंजन जीवन से जोड़ दिया है।
डिमना झील के संरक्षण और संचालन में टाटा स्टील तथा टाटा स्टील यूआईएसएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जलाशय की सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए बांध की संरचना की निगरानी, जल स्तर का आकलन और जलवैज्ञानिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है। आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा और संचालन संबंधी उपाय भी किए जाते हैं।
लाल किले में डिमना झील के नाम पर दर्शक दीर्घा का नामकरण केवल एक जलाशय को दिया गया सम्मान नहीं है, बल्कि इसे जमशेदपुर की आठ दशक से अधिक पुरानी जल विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान उस दूरदर्शी जल प्रबंधन व्यवस्था को भी रेखांकित करता है, जिसने औद्योगिक शहर के विकास के साथ उसकी जल जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जल संरक्षण को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच डिमना झील का उदाहरण दीर्घकालिक जल नियोजन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को सामने लाता है। वर्ष 1944 में शुरू हुई इसकी जलापूर्ति व्यवस्था आज भी जमशेदपुर की पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।---------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
