कल्याणी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट : पूर्वी भारत का नया 'ग्रोथ इंजन', जो भारत की आर्थिक उड़ान को देगा नई रफ्तार
कोलकाता, 06 अक्टूबर (हि.स.)।
भारत जिस तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, उसमें उड्डयन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की भूमिका सबसे अहम है। इस विकास की कड़ी में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने कि बाद राज्य की भूमिका बढ़ती जा रही है।
इसी कड़ी में राज्य के के नदिया जिले मे 'कल्याणी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट' प्रस्ताव किया गया है। यह केवल एक राज्यस्तरीय परियोजना नहीं है, बल्कि यह पूर्वी भारत को देश के समग्र आर्थिक विकास के मुख्य केंद्र में स्थापित करने का एक बड़ा जरिया बनने जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के बाद कोलकाता को देश का तीसरा 'मल्टी-एयरपोर्ट' महानगर बनाने वाली यह परियोजना भारत के विकास को कई स्तरों पर नई गति प्रदान करेगी।
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औद्योगिक और तकनीकी निवेश को मिलेगा वैश्विक मंच
एविएशन इंडस्ट्री को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार नरेश श्रीवास्तव ने कहा कि कल्याणी और हरिणघाटा का क्षेत्र पहले से ही शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों का एक बड़ा हब बन चुका है। यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), कल्याणी विश्वविद्यालय, बायोटेक्नोलॉजी पार्क, स्टेडियम और कई औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं। नया एयरपोर्ट बनने से इस पूरे इंडस्ट्रियल बेल्ट को सीधा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क मिल जाएगा। इससे न केवल विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म और आईटी सेक्टर को भी जबर्दस्त बूम मिलेगा, जो सीधे तौर पर देश की जीडीपी में सकारात्मक योगदान देगा।
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लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बनेगा पावरहाउस
राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के विजन में यह एयरपोर्ट मील का पत्थर साबित होगा। कल्याणी राष्ट्रीय राजमार्ग-12 (एनएच-12) और बेहतरीन रेलवे नेटवर्क से जुड़ा है। इसके साथ ही बांग्लादेश की सीमा से इसकी निकटता इसे एक आदर्श लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाती है। एक मजबूत एयर-कार्गो सुविधा शुरू होने से पूर्वी भारत के कृषि उत्पादों, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग माल की सप्लाई चेन तेज होगी, जिससे देश के निर्यात को नई ताकत मिलेगी।
मौजूदा ढांचे से दबाव घटेगा, व्यापारिक सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) बढ़ेगी
कोलकाता का मौजूदा नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वर्तमान में अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रहा है। हवाई यातायात में भारी वृद्धि के कारण वहां दबाव चरम पर है। कल्याणी में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने से मौजूदा एयरपोर्ट का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे व्यापारिक उड़ानों, कार्गो मूवमेंट और यात्रियों के लिए समय की बचत होगी, जो 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के मानकों को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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रोजगार सृजन और क्षेत्रीय प्रगति का नया अध्याय
वरिष्ठ पत्रकार नरेश श्रीवास्तव कहते हैं कि लगभग दो हजार एकड़ में फैली इस विशाल ग्रीनफील्ड परियोजना के निर्माण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट के आसपास हॉस्पिटैलिटी (होटल), कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, ट्रांसपोर्ट और रिटेल सेक्टर का तेजी से विकास होगा। यह परियोजना न केवल नदिया, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि यहां के युवाओं को स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय रोजगार से जोड़कर देश की मानव संसाधन क्षमता का सही उपयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि कल्याणी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों का एक नया केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह पूर्वी भारत के व्यापार, उद्योग और रोजगार को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ने वाला एक ऐसा महासेतु बनेगा, जो 21वीं सदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में अपनी एक बेहद निर्णायक और शक्तिशाली भूमिका निभाएगा।
दरअसल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी इस एयरपोर्ट को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा था कि पहले की ममता बनर्जी की सरकार पश्चिम बंगाल के विकास को बाधित करने के लिए हर तरह से केंद्र सरकार के साथ असहयोग कर रही थी, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद केंद्र की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना के तहत पश्चिम बंगाल में नए हवाई अड्डों का निर्माण और विकास किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
