30 मिनट, 28 लड्डू और जीत का जुनून… तरणेतर मेले में बलवंत राघवाणी ने रचा अनोखा रिकॉर्ड
सुरेंद्रनगर, 16 सितंबर (हि.स.)। गुजरात के प्रसिद्ध तरणेतर मेले में इस बार लोक संस्कृति के रंग के साथ एक ऐसी प्रतियोगिता ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया, जिसमें खेल का मैदान कोई स्टेडियम नहीं, बल्कि लड्डुओं की थाली थी। ग्रामीण ओलंपिक के तहत आयोजित इस अनोखी लड्डू खाने की प्रतियोगिता में विंछिया तहसील के ओरी गांव निवासी बलवंत राघवाणी ने 30 मिनट में 28 लड्डू खाकर पहला स्थान हासिल किया।
तरणेतर का मेला अपनी लोक परंपराओं, संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक के लिए जाना जाता है। इसी माहौल में आयोजित लड्डू प्रतियोगिता ने मेले में मौजूद लोगों को अपनी ओर खींच लिया। प्रतियोगिता शुरू होते ही दर्शकों की निगाहें प्रतिभागियों पर टिक गईं और कुछ ही देर में माहौल तालियों और उत्साह से गूंजने लगा।
इस प्रतियोगिता में 25 से 75 वर्ष की उम्र के 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। नियम सीधा था—30 मिनट के निर्धारित समय में दाल के साथ बेसन से बने मीठे लड्डू खाने थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, यह मुकाबला आसान नहीं बल्कि धैर्य और गति की परीक्षा बनता गया।
शुरुआत में सभी प्रतिभागियों ने तेजी से लड्डू खाना शुरू किया। पहले 15 मिनट में अधिकांश प्रतिभागी करीब 15 लड्डू खा चुके थे। इसके बाद धीरे-धीरे प्रतियोगी मुकाबले से बाहर होने लगे।
लेकिन असली रोमांच तब शुरू हुआ, जब कुछ प्रतिभागी अंतिम दौर तक टिके रहे। पांच प्रतिभागियों के बीच पहले स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई दी। कोई 22 तक पहुंचा तो कोई 24 और किसी ने 26 लड्डू का आंकड़ा पार किया।
हर नए लड्डू के साथ दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया। तालियों और शोर के बीच प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया जाता रहा।
जैसे-जैसे 30 मिनट पूरे होने का समय नजदीक आया, प्रतियोगिता का रोमांच चरम पर पहुंच गया। सभी की नजरें इस बात पर थीं कि आखिर कौन सबसे ज्यादा लड्डू खाकर बाजी मारेगा।
अंतिम समय तक मुकाबला जारी रहा और आखिरकार बलवंत राघवाणी ने 28 लड्डू खाकर पहला स्थान हासिल कर लिया।
खास बात यह रही कि बलवंत राघवाणी के लिए यह जीत नई नहीं थी। पिछले वर्ष भी उन्होंने इस प्रतियोगिता में जीत हासिल की थी। लगातार दूसरी बार विजेता बनकर उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ साबित की।
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, केवल एक विजेता घोषित किया गया। 28 लड्डू खाने वाले बलवंत राघवाणी को ₹2,000 का नकद पुरस्कार देकर विजेता घोषित किया गया।
इस मौके पर जिला कलेक्टर जी.एच. सोलंकी ने कहा कि दर्शकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी और उत्साह से प्रतिभागियों का भी उत्साह बढ़ा। उन्होंने कहा कि तरणेतर मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने वाला आयोजन है, जो लोगों को आनंद, उत्साह और भाईचारे से जोड़ता है।
कार्यक्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक वैदिका बिहानी, प्रांत अधिकारी के.एन. काचा, जिला खेल विकास अधिकारी पार्थ चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विजेता बलवंत राघवाणी को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
तरणेतर मेले में जहां एक ओर लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलती है, वहीं ऐसी ग्रामीण प्रतियोगिताएं मेले को आम लोगों से और भी करीब जोड़ देती हैं। 30 मिनट में 28 लड्डू खाने वाले बलवंत राघवाणी की लगातार दूसरी जीत इस बार मेले की चर्चित यादों में शामिल हो गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे
