रेल कनेक्टिविटी से बदल रहा मध्य प्रदेश का भूगोल, शिवपुरी में दिखा ‘अमृत’ अवतार
- 80 स्टेशनों का पुनर्विकास, 31 नई परियोजनाओं से 5,869 किलोमीटर नेटवर्क को विस्तार
भोपाल, 14 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में रेलवे परिवहन अब बदलते वक्त में विकास-भूगोल की आधारशिला बन रहा है। केंद्र के साझा प्रयासों से प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार, दोहरीकरण, विद्युतीकरण और स्टेशनों के आधुनिकीकरण की रफ्तार तेज हुई है। इसकी ताजा तस्वीर शिवपुरी में सामने आई, जहां ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत विकसित आधुनिक रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुविधा के साथ स्थापत्य के नए मेल का प्रतीक बनकर उभरा है। करीब 20 से 22 करोड़ की लागत से विकसित यह स्टेशन बताता है कि छोटे और मध्यम शहरों के रेलवे स्टेशन भी अब आधुनिक परिवहन केंद्रों के रूप में आकार ले रहे हैं।
शिवपुरी का ‘अमृत’ अवतार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शिवपुरी का आधुनिक अमृत भारत स्टेशन यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। स्टेशन परिसर में आधुनिक स्थापत्य के साथ स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को स्थान दिया गया है। बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए रैंप, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम चल रहा है। इन पर लगभग 2,708 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। शिवपुरी सहित 13 स्टेशनों के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मध्य प्रदेश में 31 नई रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 5,869 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क को जोड़ा जा रहा है और करीब 1,04,987 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में पांच वंदे भारत ट्रेनें सेवाएं दे रही पिछले 10 वर्षों में राज्य में 222 किलोमीटर नई रेल लाइन, 1,200 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग और 707 किलोमीटर आमान परिवर्तन परियोजनाएं पूरी हुई हैं। रेलवे ने परियोजना निगरानी और आपदा प्रबंधन में ड्रोन तथा जीपीएस ट्रैकर्स के उपयोग से सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। ग्वालियर और खजुराहो रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का काम भी जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के रेल विस्तार को सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों से भी जोड़ रहे हैं। बेहतर रेल संपर्क से प्रदेश के दूरदराज ग्रामीण और जनजाति क्षेत्रों को बड़े शहरों, धार्मिक केंद्रों और व्यावसायिक बाजारों तक पहुंच आसान होगी। वहीं, मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क की एक बड़ी उपलब्धि सभी ब्रॉड गेज मार्गों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण है। इससे रेलवे की ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और डीजल पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। साथ ही पर्यावरणीय प्रभाव कम करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों और गांवों तक पहुंचेगा विकास
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रेल विस्तार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि बेहतर रेल नेटवर्क किसानों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि इससे अनाज, फल और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई अधिक सुगम और किफायती होती है। उन्होंने कहा, “एक ‘विकसित भारत’ हमारा अंतिम लक्ष्य है, और एक विकसित देश के लिए रेलवे स्टेशनों का आधुनिक होना बेहद जरूरी है।”
इस तरह से इन दिनों शिवपुरी के आधुनिक स्टेशन से लेकर प्रदेश के 80 स्टेशनों के कायाकल्प और हजारों किलोमीटर के नए रेल नेटवर्क तक, मध्य प्रदेश में रेलवे का यह विस्तार एक बड़े बदलाव की कहानी लिख रहा है। शिवपुरी का ‘अमृत’ अवतार मध्य प्रदेश के उस नए रेल युग की झलक है, जिसमें कनेक्टिविटी विकास की सबसे मजबूत पटरियों में से एक बन रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी
