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NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद: CJP की नई चेतावनी और आंदोलन की पुनरावृत्ति

NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई नहीं रुकी, तो वे बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि छात्रों को परेशान किया जा रहा है। हाल ही में 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद, CJP ने अपनी प्रमुख मांगों को मानने पर सरकार को चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर जोर दिया है, जिससे यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है।
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NEET-UG 2026 पेपर लीक पर विवाद जारी

NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले से जुड़ा विवाद अभी भी समाप्त नहीं हुआ है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को एक नई चेतावनी दी है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस आंदोलन में शामिल छात्रों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्रवाई नहीं रुकी, तो पार्टी देशभर में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने की योजना बना रही है।


छात्रों के प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया

NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों और CJP के नेतृत्व में कई हफ्तों तक प्रदर्शन हुए। छात्रों की मांग थी कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, और परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए। अंततः इन प्रदर्शनों के दबाव में सरकार को सभी मांगें माननी पड़ीं, जिसके परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।


अभिजीत दीपके का अल्टीमेटम

अभिजीत दीपके का अल्टीमेटम


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हो रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस छात्रों को परेशान करना जारी रखती है, तो CJP जल्द ही बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें बेवजह परेशान करना तुरंत बंद किया जाए।



36 दिन के आंदोलन के बाद आई चेतावनी

36 दिन के आंदोलन के बाद आई नई चेतावनी


CJP का यह बयान तब आया है जब पार्टी ने हाल ही में अपना 36 दिनों तक चला आंदोलन समाप्त किया था। पार्टी का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, मान लिया गया था। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने भी आश्वासन दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह आंदोलन 20 जून को NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी।


सुप्रीम कोर्ट का बयान

सुप्रीम कोर्ट ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर दिया जोर


इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल प्रदर्शन होने के आधार पर पुलिस बल का प्रयोग या ज्यादती नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ऐसे में CJP की नई चेतावनी के बाद NEET विवाद एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है।