कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन: NEET पेपर लीक से संसद तक की यात्रा
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन: एक परिचय
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन हाल के महीनों में काफी चर्चा में रहा है। इसकी शुरुआत NEET परीक्षा के पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों के कारण हुई। यह आंदोलन सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों पर आ गया, खासकर जब सोनम वांगचुक ने इसका समर्थन किया। वांगचुक ने 20 दिनों तक भूख हड़ताल की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
आंदोलन की शुरुआत और इसके कारण
लोगों में गुस्सा तब भड़का जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को NEET UG परीक्षा को रद्द कर दिया। यह परीक्षा देशभर में लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण थी, और इसके रद्द होने से कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। इस स्थिति ने माता-पिता में भी आक्रोश पैदा किया, जिससे छात्रों का गुस्सा बढ़ा।
CJP का गठन और अभिजीत दीपके की भूमिका
इस बीच, अभिजीत दीपके ने 16 मई 2026 को सोशल मीडिया पर CJP का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने युवाओं को कॉकरोच कहा, जिससे इस पार्टी का नाम रखा गया। दीपके ने NEET पेपर लीक के मुद्दे को उठाया और बेरोजगारी तथा शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया।
आंदोलन की प्रमुख घटनाएँ
CJP ने 1 जून 2026 को अपने पहले बड़े प्रदर्शन की घोषणा की, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई। 6 जून को जंतर मंतर पर पहला बड़ा धरना हुआ, और 20-21 जून को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। 28 जून को सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला।
सोनम वांगचुक का योगदान
सोनम वांगचुक ने आंदोलन में शामिल होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने छात्रों के अधिकारों की रक्षा और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात की। 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च का आयोजन किया गया।
आंदोलन का संसद तक का सफर
18 जुलाई 2026 को, जब भूख हड़ताल का 21वां दिन था, दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। दीपके ने भूख हड़ताल जारी रखी। 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च का आयोजन किया गया, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी।
सरकार से मांगें
सरकार ने CJP के प्रतिनिधियों से बातचीत की। CJP ने अपनी मांगें पेश की हैं, जिसमें सोनम वांगचुक की रिहाई, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और NEET से प्रभावित बच्चों के लिए मुआवजे की मांग शामिल है।
