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जंतर मंतर पर GenZ का नया आंदोलन: प्रदर्शनकारी और इन्फ्लुएंसर की भीड़

जंतर मंतर पर GenZ का नया आंदोलन उभर रहा है, जहां युवा प्रदर्शनकारी और इन्फ्लुएंसर मिलकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस आंदोलन में न केवल गालियों वाले पोस्टर हैं, बल्कि नागरिक पत्रकारिता का भी एक नया रूप देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारी अपने हक की मांग कर रहे हैं, और इस बार उनका तरीका भी अनोखा है। जानिए कैसे यह आंदोलन एक नई क्रांति का हिस्सा बन रहा है।
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जंतर मंतर: विरोध का ऐतिहासिक स्थल

18वीं सदी में जब महाराजा जय सिंह द्वितीय ने खगोलीय वेधशाला का निर्माण किया, तब उन्हें यह नहीं पता था कि यह स्थान भारतीय 'प्रतिरोध' का एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा। हर युग में, जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं, जिनकी चर्चा विश्वभर में होती है। आज, यह स्थान एक नई GenZ क्रांति का गवाह बन रहा है, जहां युवा अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उनका संदेश स्पष्ट है: भ्रष्टाचार उनके प्रयासों को नष्ट न करे।


GenZ की नई सोच और आंदोलन

जंतर मंतर पर उपस्थित प्रदर्शनकारी 2011 के 'प्रबुद्ध वर्ग' की तरह नहीं हैं, बल्कि ये युवा हैं जो सरकारी दमन से थक चुके हैं। इस बार, GenZ क्रांतिकारी 'हंसी-हंसी' में सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर धरना दिया।


नागरिक पत्रकारिता का उदय

जंतर मंतर पर 'नागरिक पत्रकारिता' अपने चरम पर है। 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा यहां इकट्ठा हुए हैं। उनके हाथों में तख्तियां हैं, जिन पर सरकार के खिलाफ नारे लिखे हैं। इस बार, प्रदर्शनकारी खुद को पत्रकार मानते हैं और 24 घंटे लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे हैं।


प्रदर्शन में गालियों का प्रयोग

GenZ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गालियों वाले पोस्टर दिखाए हैं। कुछ प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि 'कोई शादुशुदा प्रधानमंत्री बनाओ', जबकि अन्य ने तख्तियों पर लिखा है 'मेरा बर्थडे है, इस्तीफा दे दो बाबू।'


इन्फ्लुएंसर की बढ़ती संख्या

इस आंदोलन में 30% से अधिक लोग इन्फ्लुएंसर और पत्रकार हैं। उनके पास महंगे कैमरे और गिंबल हैं, और वे अपने प्रदर्शन को रिकॉर्ड कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ में गालियां और नारेबाजी चल रही है।


प्रदर्शन में शामिल चर्चित चेहरे

20 जुलाई से ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट नीरजा ने भी सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने प्रधानमंत्री को LGBTQ गेटअप में दिखाया। इसके अलावा, कई अन्य इन्फ्लुएंसर भी आंदोलन में शामिल हुए हैं।


GenZ का अनोखा प्रदर्शन

GenZ इन्फ्लुएंसर अपने प्रदर्शन के दौरान पुलिस से भी सवाल कर रहे हैं। कई प्रदर्शनकारी पुलिस को खाना और पानी भी दे रहे हैं।


पत्रकारों का नया अवसर

कई यूट्यूबर अब न्यूज बिजनेस में शामिल हो गए हैं। वे प्रदर्शनकारियों का इंटरव्यू ले रहे हैं और कंटेंट बना रहे हैं।


कैसे बढ़ा GenZ का प्रदर्शन?

कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया, जिससे आंदोलन में तेजी आई।


सरकार पर बढ़ता दबाव

सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री को इंस्टाग्राम पर आकर यह बताना पड़ा कि वे पेपर लीक के खिलाफ क्या कदम उठाने वाले हैं।