सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी, विपक्षी सांसदों ने की मुलाकात
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का सिलसिला
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने अपनी अनशन की शुरुआत जंतर-मंतर से की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर सफदरजंग अस्पताल भेज दिया। इसके बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां वे अब भी अनशन जारी रखे हुए हैं। इस बीच, विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल पहुंचा और उनसे बातचीत की।
सोनम वांगचुक की चिट्ठी
22 जुलाई को, सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें सरकार से यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि सरकार उन्हें यह आश्वासन देती है, तो वे अपने अनशन को समाप्त करने के लिए तैयार हैं।
विपक्षी सांसदों की मुलाकात
एक वीडियो में 14 विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दिखाई दे रहा है, जिसमें समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद राजीव राय और अन्य युवा सांसद शामिल हैं। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। इस समूह में RJD, CPI, और JMM के सांसद भी मौजूद हैं।
सांसदों का समर्थन
सोनम वांगचुक ने बताया कि लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखा है। कुछ सांसद उनसे मिलने आए हैं और अन्य आज शाम मिलने वाले हैं। सभी ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है, यह कहते हुए कि देश की सेवा के लिए उन्हें और काम करना है। वांगचुक ने भी इस बात से सहमति जताई है कि वे अपने छात्रों के बीच लौटना चाहते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में फिर से सक्रिय होना चाहते हैं।
