सोनिया गांधी ने गाजा युद्ध पर मोदी सरकार को घेरा
सोनिया गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाजा युद्ध के संदर्भ में नरेंद्र मोदी की सरकार पर तीखा हमला किया है। एक समाचार पत्र में प्रकाशित लेख में, उन्होंने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि भारत ने अपने रणनीतिक हितों और नैतिक मूल्यों से समझौता करते हुए केवल मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मित्रता को प्राथमिकता दी है।
गाजा में युद्ध की स्थिति पर चिंता
सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि गाजा में चल रहे युद्ध पर केंद्र सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता भारत की नैतिक जिम्मेदारी के खिलाफ है और इससे राष्ट्रीय हितों को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले को निंदनीय बताया, लेकिन इसके बाद इजरायल की सैन्य कार्रवाई को अत्यधिक क्रूर करार दिया। उनके अनुसार, गाजा में नागरिकों, विशेषकर बच्चों की मौत और स्कूलों तथा अस्पतालों का नाश एक गंभीर मानवीय संकट को दर्शाता है।
इजरायल की कार्रवाई और अमेरिका की भूमिका
इजरायल की कार्रवाई और अमेरिका पर सवाल
सोनिया गांधी ने कहा कि गाजा में हुई तबाही पूरी दुनिया के सामने है और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने मानवाधिकार उल्लंघनों का उल्लेख किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के कारण इजरायल को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने का मौका मिला। उनका कहना था कि कई देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता दी है और वैश्विक समुदाय गाजा की स्थिति को लेकर चिंतित है।
भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए
भारत की विदेश नीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की पहचान हमेशा शांति, संप्रभुता और उपनिवेशवाद विरोधी सोच वाले देश के रूप में रही है, लेकिन गाजा के मुद्दे पर भारत की चुप्पी इस परंपरा के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गाजा से संबंधित जस्टिस एस मुरलीधर की रिपोर्ट की अनदेखी की है। साथ ही, उन्होंने पांच वर्षीय फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना युद्ध की भयावहता का प्रतीक बन गई है।
भारत के रिश्तों पर प्रभाव
सोनिया गांधी ने कहा कि वर्तमान विदेश नीति के कारण भारत के फिलिस्तीन, ईरान और मध्य-पूर्व के कई पुराने और विश्वसनीय देशों के साथ संबंध कमजोर हो गए हैं। उनका आरोप है कि इसका लाभ पाकिस्तान को मिला है, जिससे उसे कूटनीतिक स्तर पर बढ़त हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने रणनीतिक हितों और नैतिक मूल्यों की कीमत पर केवल मोदी और नेतन्याहू की दोस्ती को प्राथमिकता दी है। सोनिया गांधी के इस लेख का कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी समर्थन किया और सरकार से गाजा मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
