UDAN योजना: 10 वर्षों में हवाई यात्रा में बदलाव और भविष्य की योजनाएं
UDAN योजना का एक दशक
उड़े देश का आम नागरिक (UDAN) योजना ने अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। यह योजना 21 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में हवाई यात्रा को बढ़ावा देना है, जहां उड़ान सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। पहली उड़ान अप्रैल 2017 में शिमला से दिल्ली के बीच भरी गई थी। तब से अब तक 687 क्षेत्रीय रूटों की शुरुआत की गई है, जिसमें 95 एयरोड्रोम, 17 हेलीपोर्ट और 2 वाटर एयरोड्रोम शामिल हैं। इस योजना के तहत 3.68 लाख से अधिक उड़ानें संचालित की गईं और 1.72 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की।
उम्मीदें और चुनौतियां
हालांकि, यह उम्मीद की जा रही थी कि हवाई यात्रा देश के हर कोने में सुलभ हो जाएगी, लेकिन कई क्षेत्रीय एयरपोर्ट पर उड़ानों की कमी की शिकायतें आई हैं। अयोध्या से लेकर जेवर एयरपोर्ट तक स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को उठाया है। फिर भी, कुछ क्षेत्रों में स्थिति में सुधार हुआ है।
10 वर्षों में क्या बदलाव आया?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। 2014 में चालू हवाई अड्डों की संख्या 74 थी, जो अब बढ़कर 166 हो गई है। विमानन क्षेत्र में रोजगार 2014 में 30 लाख से बढ़कर 2026 में 77 लाख होने की उम्मीद है।
नवीनतम UDAN चरण की योजनाएं
उड़ान योजना का अगला चरण 4 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था, जो 2035-36 तक चलेगा। इसके लिए 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस चरण में भारत में निर्मित नागरिक विमानों के लिए नई व्यवस्थाएं तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार के नए प्रोजेक्ट
सरकार बिना सेवाओं वाले 100 हवाई अड्डों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके लिए 12,159 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने की योजना है, जिसमें 3,661 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च होगा।
राज्यों में बदलाव
नए चरण में केंद्र और राज्यों के बीच साझेदारी पर जोर दिया गया है। बिहार के पूर्णिया हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिली है। अरुणाचल प्रदेश के तेजू हवाई अड्डे ने लोहित जिले के लोगों को गुवाहाटी तक पहुंचने में समय कम किया है। झारखंड के देवघर और राजस्थान के किशनगढ़ हवाई अड्डों ने भी स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या UDAN योजना सफल है?
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में UDAN योजना शुरू होने के बाद 669 रूट चालू किए गए थे, जिनमें से केवल 336 पर व्यावसायिक उड़ानें चल रही हैं। सरकार ने एयरलाइंस को सस्ते किराए के लिए 4,700 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। हालांकि, कई छोटी एयरलाइंस दिवालिया हो गई हैं या संचालन में कमी आई है।
