UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे
UGC के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन
UGC Protest: मंगलवार की सुबह खंदौली के वमान गांव में क्षत्रिय सभा और सिस्टम सुधार संगठन के सदस्यों की एक बड़ी संख्या इकट्ठा हुई। संगठन ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ शांतिपूर्ण रैली निकालने और ज्ञापन देने का निर्णय लिया था। पुलिस को इस बारे में पहले से सूचित किया गया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाई गई, लेकिन वे आगे बढ़ने में सफल रहे और एत्मादपुर तहसील की ओर बढ़ गए। तहसील गेट पर थाना एत्मादपुर के अपराध निरीक्षक जेपी तिवारी मौजूद थे। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान इंस्पेक्टर क्राइम गिर गए और आरोप है कि गुस्से में उन्होंने लाठी चलाना शुरू कर दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 5 से 6 कार्यकर्ताओं पर लाठी चलाई गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर को भी चोटें आई हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारी और अधिक आक्रोशित हो गए। इस विवाद का एक बड़ा सवाल यह है कि जब ACP देवेश सिंह ने इंस्पेक्टर को रोकने की कोशिश की, तो क्या इसके बावजूद इंस्पेक्टर ने लाठी चलाना जारी रखा? तस्वीरों और वीडियो के आधार पर यही दावा किया जा रहा है।
बताया गया है कि ACP ने अंशुमन ठाकुर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान इंस्पेक्टर ने उनके कंधे और पैर पर भी डंडा मारा। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को एक अधिवक्ता के चैंबर में बंद कर दिया और अन्य थानों से अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। नाराज प्रदर्शनकारियों ने इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी की मांग करते हुए हाईवे जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद ACP ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके लगभग 20 मिनट बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला। प्रदर्शनकारी तहसील पहुंचे, जहां हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और बाद में SDM को ज्ञापन सौंपा गया। अंशुमन ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यूजीसी के खिलाफ जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
यह केवल यूजीसी के नियमों के विरोध का मामला नहीं है, बल्कि यह भी सवाल उठता है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की सीमा क्या होनी चाहिए। क्या धक्का-मुक्की के बाद पुलिसकर्मी का इस तरह लाठी चलाना उचित था? और यदि ACP रोक रहे थे, तो फिर लाठी चलने की स्थिति क्यों आई?
इस पूरे मामले में तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
