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UPI पेमेंट पर नए नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन

देशभर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जुड़े नए नियमों के खिलाफ व्यापारी संगठनों का विरोध तेज हो गया है। 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% शुल्क लागू होने के कारण मध्य प्रदेश, राजस्थान, और महाराष्ट्र में व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। कई स्थानों पर पेट्रोल पंप डीलर्स ने UPI भुगतान न लेने का ऐलान किया है, जबकि अन्य राज्यों में भी इसी तरह की गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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UPI पेमेंट्स पर नए नियमों का विरोध

देशभर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से संबंधित नए नियमों के खिलाफ व्यापक विरोध हो रहा है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2000 रुपये से अधिक की पर्सन्स टू मर्चेंट (पी2एम) UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% शुल्क लागू होगा। यह शुल्क मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के रूप में जाना जाता है, जो कि व्यापारी द्वारा बैंक और अन्य पेमेंट सेवा प्रदाताओं को दिया जाता है, न कि उपभोक्ताओं से लिया जाता है।


मध्य प्रदेश में विरोध की शुरुआत

मध्य प्रदेश में, 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क के खिलाफ पेट्रोल पंप डीलर्स और व्यापारिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के बिलों पर UPI भुगतान न लेने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी इसी तरह के विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं।


UPI भुगतान न लेने का ऐलान

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 2000 रुपये से अधिक के बिलों पर UPI भुगतान न लेने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने शुक्रवार से एक पोस्टर अभियान शुरू किया है, जिसमें व्यापारियों ने 23 सितंबर को नो-UPI डे मनाने की योजना बनाई है। इस निर्णय का प्रभाव पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है, जहां कई स्थानों पर ऑनलाइन भुगतान के बजाय नकद भुगतान के पोस्टर लगाए गए हैं।


राजस्थान में व्यापारी भी विरोध में

राजस्थान के अलवर में भी कई डीलर्स ने कैश भुगतान के पोस्टर लगाए हैं। ग्राहकों को स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि 2000 रुपये से अधिक का भुगतान न करें, और कई स्थानों पर ऑनलाइन भुगतान से भी बचा जा रहा है।


मुंबई में भी उठी आवाज

मुंबई में, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI को पत्र लिखकर पेट्रोल पंपों को MDR शुल्क से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। इससे डिजिटल भुगतान और फ्यूल रिटेल सेक्टर में एक नई बहस छिड़ गई है।


देशभर में विरोध की लहर

दिल्ली-NCR, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, और कर्नाटक में भी UPI के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। दिल्ली के व्यापारियों के संगठन CTI ने चेतावनी दी है कि यदि शुल्क लागू हुआ, तो व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स (FAIPT) के प्रवक्ता ने कहा कि यदि छूट नहीं मिली, तो पंप संचालकों को 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान को सीमित करना पड़ सकता है।