अंबाला कैंट में NH-44 पर सिख समुदाय का प्रदर्शन, पुलिस पर हमला
अंबाला में हाईवे पर बवाल
अंबाला: हरियाणा के अंबाला कैंट में नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर देर रात स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब सिख समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने लगभग 6 घंटे तक हाईवे को जाम कर दिया। जब पुलिस की टीम जाम खुलवाने पहुंची, तो उपद्रवियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया और पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक डीएसपी (DSP) सहित लगभग 6 से 7 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के डीजीपी (DGP) अजय सिंघल तुरंत अंबाला पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल लिया।
प्रदर्शन का कारण
क्यों मचा बवाल?
सिख समुदाय के लोग अंतरराष्ट्रीय एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने NH-44 पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित हुआ। जब पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने की कोशिश की, तो कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिसकर्मियों की स्थिति
DSP के अंगूठे पर गंभीर चोट, कई जवान अस्पताल में
उपद्रवियों के हमले में पुलिस को भारी नुकसान हुआ। डीएसपी वीरेंद्र शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट आई है। इसके अलावा, सिपाही रक्षित, सिपाही नवीन कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक सतीश और पंकज भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत अंबाला कैंट के मिलिट्री अस्पताल और नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
DGP का दौरा
DGP अजय सिंघल ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल देर रात अंबाला कैंट के अस्पतालों में पहुंचे और घायल जवानों से मुलाकात की। उनके साथ आईजी पंकज नैन, उपायुक्त सचिन गुप्ता और एसडीएम कनिका गोयल भी मौजूद थे। डीजीपी ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और जवानों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस अपने जवानों के साथ मजबूती से खड़ी है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखें और कानून को अपने हाथ में न लें।
