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अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन 5 नवंबर को

अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। यह स्मारक 1857 की क्रांति के शहीदों को समर्पित है और इसमें 23 गैलरियां शामिल हैं, जो स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को दर्शाती हैं। अनिल विज की पहल से साकार हुई इस परियोजना का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के नायकों से परिचित कराना है। उद्घाटन समारोह के दौरान एक विशाल जनसभा का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे इस स्मारक का महत्व और बढ़ जाएगा।
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शहीद स्मारक का उद्घाटन

चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी)- देश की स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के शहीदों को समर्पित अंबाला छावनी का भव्य शहीद स्मारक अब अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ जनता के सामने आने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 नवंबर को इस स्मारक का उद्घाटन करेंगे। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने इस बात की जानकारी दी है कि उद्घाटन समारोह के दौरान अंबाला छावनी में एक विशाल जनसभा का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।


स्मारक का महत्व

लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह स्मारक 1857 की क्रांति के शहीदों को समर्पित है, जिनके बलिदान को इतिहास में उचित स्थान दिलाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अनिल विज की पहल पर साकार हुई इस परियोजना को हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ा जा रहा है। उद्घाटन के बाद यह स्मारक आम जनता के लिए खुल जाएगा।


अमित शाह का उद्घाटन

अमित शाह के हाथों उद्घाटन, राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को मिलेगी पहचान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा स्मारक का उद्घाटन इस परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को आधुनिक तकनीक और ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार इस परिसर में देशभर के क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान को दर्शाया गया है। अनिल विज ने कहा कि यह स्मारक किसी एक शहर या प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर है। इसका उद्देश्य उन सभी वीरों को सम्मान देना है, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। अंबाला छावनी में आयोजित होने वाली विशाल जनसभा के माध्यम से भी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के योगदान का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है।


अनिल विज की पहल

अनिल विज की वर्षों पुरानी पहल हुई साकार
अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का निर्माण अनिल विज की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। विज ने इस स्मारक की आवश्यकता को पहले भी विभिन्न मंचों और विधानसभा सत्रों में उठाया था। वर्ष 2014 में हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष इससे जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर अंबाला में भव्य स्मारक स्थापित करने की मांग रखी।


1857 की क्रांति की गैलरियां

23 गैलरियों में दिखेगी 1857 की क्रांति की पूरी तस्वीर
शहीद स्मारक में कुल 23 गैलरियां बनाई गई हैं। इनमें अंबाला, हरियाणा, मेरठ, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, झांसी और देश के अन्य क्षेत्रों में 1857 के दौरान हुए संघर्षों को प्रदर्शित किया गया है। स्मारक में अब तक शोध के आधार पर 700 से अधिक वीरों के नाम, उनके पिता के नाम और गांवों की पहचान की गई है। इन वीरों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं। भविष्य में अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में प्रमाणिक जानकारी मिलने पर उनके नाम भी जोड़े जा सकेंगे। स्मारक की ऐतिहासिक सामग्री को प्रमाणिक बनाने के लिए इतिहासकारों की समिति गठित की गई थी। विभिन्न ऐतिहासिक अभिलेखों, गजेटियर और अन्य स्रोतों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर 1857 के घटनाक्रम को प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम को व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में सामने लाना है।


आधुनिक तकनीक का उपयोग

360 डिग्री प्रोजेक्शन और लेजर शो होंगे खास आकर्षण
स्मारक को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है। यहां 360 डिग्री प्रोजेक्शन, साउंड एवं लेजर शो के माध्यम से आगंतुकों को 1857 के संघर्ष की घटनाओं से परिचित कराया जाएगा। तकनीक के जरिए उस दौर के वातावरण और क्रांतिकारियों के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की व्यवस्था की गई है।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष डिजिटल गैलरी भी बनाई गई है। यहां आगंतुक हाथ रखकर डिजिटल माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे और उसका रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। स्मारक परिसर में 2,500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर और 300 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। पूरे परिसर को देखने में लगभग छह घंटे लग सकते हैं, जिससे आगंतुकों को विभिन्न गैलरियों और ऐतिहासिक प्रस्तुतियों को विस्तार से देखने का अवसर मिलेगा।


विशेष सुविधाएं

63 मीटर ऊंची कमल आकृति, स्काई कैफे और आधुनिक सुविधाएं
स्मारक परिसर में 63 मीटर ऊंची कमल के फूल के आकार की संरचना बनाई गई है। इसमें दो हाई-स्पीड लिफ्ट लगाई गई हैं और शीर्ष पर स्काई कैफे विकसित किया जा रहा है। परिसर में हेलीपैड सहित आगंतुकों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं भी की गई हैं।


राज्य दिवस का निमंत्रण

सभी राज्यों को राज्य दिवस मनाने का निमंत्रण
अनिल विज ने बताया कि सभी राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे अपने वार्षिक राज्य दिवस के कार्यक्रम इस राष्ट्रीय स्मारक में आयोजित करें। इससे देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ने और अपने-अपने क्षेत्रों के वीरों के योगदान को याद करने का अवसर मिलेगा।


समारोह का महत्व

5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों उद्घाटन और अंबाला छावनी में प्रस्तावित विशाल जनसभा के साथ यह स्मारक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनने जा रहा है। अनिल विज की वर्षों पुरानी पहल से तैयार यह परियोजना 1857 की क्रांति के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।