अंबाला में बोरवेल में गिरे बच्चे को बचाने का प्रयास विफल
बच्चे को बचाने की कोशिशें असफल
हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में एक चार साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया, जिसे बचाने का प्रयास असफल रहा। सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर उसे सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन बच्चा नहीं बच सका। लगभग 20 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने 2006 में कुरुक्षेत्र में हुए प्रिंस रेस्क्यू केस की याद दिला दी।
बच्चा बोरवेल में गिरा
मंगलवार सुबह, निर्भय नाम का बच्चा धनौरा गांव में खेलते समय 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया। घटना के तुरंत बाद, बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, निर्भय सुबह लगभग 6:30 बजे एक खुले मैदान में खेल रहा था, जब वह 9 इंच चौड़ी खाई में फिसल गया। इसके बाद, सेना और एनडीआरएफ को बुलाया गया। पूरे दिन बचाव कार्य चलता रहा, लेकिन बच्चा नहीं बच सका।
अस्पताल में बच्चे की मौत
बच्चे को बोरवेल से निकालने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि बच्चा ऐसी स्थिति में फंसा था जहां पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई आई। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अनिल कुमार ने कहा कि पानी के स्तर के बढ़ने के कारण बच्चा नीचे धंसता गया।
बचाव कार्य में चुनौतियाँ
बारिश और ढीली मिट्टी के कारण जमीन खिसक रही थी, जिससे बचाव टीम को कई बार रेस्क्यू का तरीका बदलना पड़ा। एनडीआरएफ के अनिल कुमार ने बताया कि कई चुनौतियों के कारण उन्हें ऑपरेशन को बार-बार नए सिरे से शुरू करना पड़ा। अंतिम चरण में, टीम को बच्चे के जीवित रहने का कोई संकेत नहीं मिला।
