अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: अयोध्या चढ़ावे विवाद में उठाए सवाल
अखिलेश यादव का भाजपा पर आरोप
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म और आस्था की राजनीति करती है, लेकिन असल में उनके लिए धन का महत्व सबसे अधिक है। बुधवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, यादव ने भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
अखिलेश यादव ने 'ऑडिट-2' रिपोर्ट और 'राम नगरी में गोरखधंधा' शीर्षक बुकलेट का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या से गोरखपुर तक कई मुद्दे हैं जिन पर सरकार जवाब देने से बच रही है। चढ़ावे विवाद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं में सीसीटीवी फुटेज को लेकर विवाद उठता है।
सीसीटीवी फुटेज का महत्व
यादव ने कहा कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से कई तथ्यों का खुलासा हो सकता है, इसलिए इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में विकास कार्यों और भूमि अधिग्रहण के दौरान स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। प्रभावित लोग अपनी शिकायतें लेकर समाजवादी पार्टी के पास आए हैं।
शिक्षा की स्थिति पर चिंता
सपा प्रमुख ने गोरखपुर में बेसिक शिक्षा की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले दस वर्षों में कई प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। मुख्यमंत्री अपने गृह जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित कर रहे हैं, लेकिन गांवों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था कमजोर होती जा रही है।
भाजपा को चुनौती देने का संकल्प
अखिलेश यादव ने कहा कि समाज के वंचित और गरीब वर्गों के बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालय शिक्षा की पहली सीढ़ी होते हैं, लेकिन सरकार इसे कमजोर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और आगामी चुनावों में भाजपा को कड़ी चुनौती देने का संकल्प लिया है।
