अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावे चोरी पर सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन
लखनऊ। मॉनसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस संदर्भ में अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा और उनके सहयोगी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के लिए जिम्मेदार हैं। देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए ‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चुराया है, और गुप्त दान में बड़े घपले किए हैं। इसके अलावा, दान की रसीदें भी नहीं दी गईं या फिर नकली रसीदें जारी की गईं।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा ने अपने लोगों को कौड़ियों के दाम में अयोध्या की ज़मीनें खरीदने दिया और फिर उसे कई गुना दाम में मंदिर को बेचकर ट्रस्ट के ‘धर्म-खाते’ को लूटने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़मीन के सौदों से होने वाले लाभ को आपस में बांटा गया और ईमानदार लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। इसके अलावा, चोरी की राशि की बरामदगी को दर्ज नहीं किया गया है।
भाजपा और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के दोषी हैं!
देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा और उनके संगी-साथियों ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए जिस तरह :
– ‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चोरी की है
– गुप्त दान में महा-घपले किये हैं
– दान… pic.twitter.com/JRVAoLQx0X— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 30, 2026
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जांच में कुछ भी ‘उल्लेखनीय’ नहीं है, यह कहकर लोगों को गुमराह किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों को मिटा दिया गया है, और जिनकी खुद की जांच चल रही है, उनसे जांच करवाई गई है। बिना किसी जिम्मेदारी तय किए, ट्रस्ट के उच्च पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर का धन और बहुमूल्य धातुओं को बोरों में भरकर कहीं और पहुंचाया गया है। यह एक गंभीर ‘महापाप’ है। इसलिए ‘लोकधन की लूट’ का मुद्दा लोक-संसद तक पहुंचाना और उठाना, हम सब का धर्म सम्मत कर्तव्य है।
