अग्निपथ योजना में बदलाव: अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त सेवा समय
नई दिल्ली में अग्निपथ योजना का नया अपडेट
नई दिल्ली: अग्निपथ योजना के तहत, अब उन अग्निवीरों को भी सेवा जारी रखने का मौका मिलेगा, जिन्हें नियमित बल में स्थान नहीं मिला। नए नियमों के अनुसार, चार साल की प्रारंभिक सेवा के बाद, उन्हें दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा, जिससे उनकी कुल सेवा अवधि छह साल हो जाएगी। यह जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने साझा की।
नए प्रावधानों के तहत अग्निवीरों का चयन
वर्तमान में, अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित बल में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत को चार साल बाद सेवा समाप्त करनी होती थी। नए नियमों के तहत, उन्हें दो साल और सेवा का अवसर मिलेगा। इसके बाद, सेना में बने रहने के इच्छुक उम्मीदवारों का चयन मानकों के अनुसार किया जाएगा।
अग्निवीरों का पहला बैच और नया निर्णय
अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को चार साल की सेवा पूरी करने वाला है। भारतीय नौसेना में इस बैच के लगभग 2,100 अग्निवीर शामिल हुए थे, जिनमें से करीब 550 को रिटेंशन नीति के तहत रखा गया है। नए निर्णय के अनुसार, बाकी अग्निवीरों को भी दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलेगा। थल सेना और वायु सेना के पहले बैच का कार्यकाल भी 31 दिसंबर तक पूरा होना था। पहले अनुमान था कि साल के अंत तक तीनों सेनाओं के 18 हजार से अधिक अग्निवीर सेवा से बाहर हो जाएंगे, लेकिन नए फ्रेमवर्क के बाद उन्हें भी अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।
अग्निपथ भर्ती योजना का परिचय
केंद्र सरकार ने 2022 में सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत, 10वीं और 12वीं पास युवाओं को अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। नौसेना में चयनित युवाओं को ओडिशा के INS चिल्का में प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाता है, और फिर उनकी तैनाती जहाजों या तटीय इकाइयों में की जाती है। अग्निवीरों को पहले वर्ष में 30,000 रुपये का मासिक पैकेज मिलता है, जो चौथे वर्ष में 40,000 रुपये हो जाता है। इसमें 70 प्रतिशत राशि वेतन के रूप में और 30 प्रतिशत अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा होती है, जिसमें सरकार भी समान राशि जोड़ती है।
