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अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुणे में अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। डोभाल ने भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पुरस्कार का महत्व और डोभाल की प्रतिक्रिया जानें। 81 वर्षीय डोभाल, जो देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं, ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है। उनके विचारों और कार्यों ने भारत की सुरक्षा को सुदृढ़ किया है।
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अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। शाह ने कहा कि डोभाल ने देश की विदेश नीति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित निर्णयों में डोभाल की सलाह और भूमिका महत्वपूर्ण होती है।


पुरस्कार का महत्व और डोभाल की प्रतिक्रिया

पुणे स्थित तिलक स्मारक ट्रस्ट हर साल 1 अगस्त को बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर यह पुरस्कार प्रदान करता है। ट्रस्ट की स्थापना 1983 में हुई थी। इस वर्ष अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए चुना गया है। डोभाल ने कहा कि वह इस सम्मान के लिए आभारी हैं और इसे विनम्रता से स्वीकार करते हैं।


डोभाल का कार्यकाल और उपलब्धियां

81 वर्षीय अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उन्हें 2014 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल ही में, डोभाल ने डोकलाम और गलवान में सीमा विवाद को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह अनुच्छेद 370 के हटने के बाद कश्मीर में पहुंचने वाले पहले प्रमुख व्यक्ति थे।


भारत की सुरक्षा में डोभाल का योगदान

अमित शाह ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने अजीत डोभाल को एनएसए के रूप में चुना। उन्होंने बताया कि डोभाल ने भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री मोदी के हर निर्णय के पीछे डोभाल की सलाह होती है।


भारत के विकास पर डोभाल की चेतावनी

सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप में, डोभाल ने कहा कि भारत को अंदर और बाहर से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का विकास सभी के लिए सुखद नहीं है और यह कई लोगों और देशों के लिए खतरा बन सकता है।


पुरस्कार प्राप्त करने वाले अन्य प्रमुख व्यक्ति

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार सबसे पहले समाजवादी नेता एसएम जोशी को दिया गया था। अब तक इस पुरस्कार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और शरद पवार को भी सम्मानित किया जा चुका है।