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अतीक अहमद के बेटों को मिली पैरोल, भाई के जनाजे में शामिल होने का मौका

अतीक अहमद के बेटे अली और उमर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिली है, जिससे वे अपने छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे। सुरक्षा के बीच उन्हें जेल से बाहर लाया गया है। इस पैरोल के साथ कुछ शर्तें भी हैं, जैसे मीडिया से बातचीत पर रोक। अबान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, और उसका अंतिम संस्कार प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा। जानें इस घटनाक्रम के सभी महत्वपूर्ण पहलू।
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प्रयागराज में अली और उमर की पैरोल

प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के दो बेटे, अली और उमर, शनिवार को जेल से रिहा हुए। वे अपने छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली पैरोल के बाद अली को झांसी जेल और उमर को लखनऊ जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा गया है।


अली ने शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे झांसी जेल से बाहर कदम रखा। उसे प्रयागराज ले जाने के लिए 30 पुलिसकर्मियों की एक टीम तैनात की गई थी। जेल से निकलते समय उसकी वैन पर पर्दे लगाए गए थे ताकि उसका चेहरा न दिखे। सुरक्षा कारणों से मीडिया को जेल के गेट से 100 मीटर दूर रोक दिया गया।


उमर ने दोपहर 12:30 बजे लखनऊ जेल से रिहाई पाई। उसकी वैन पर भी पर्दे लगे हुए थे, और उसकी सुरक्षा के लिए 20 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। दोनों की वैन के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां चल रही थीं। जिस क्षेत्र से वे गुजरेंगे, वहां की स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा में शामिल रहेगी।


जेल से निकलने के बाद, दोनों को सीधे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाएगा, जहां अबान का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके बाद, अली और उमर अपने भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से पुलिस की मौजूदगी में लगभग एक घंटे मुलाकात करेंगे। इसके बाद, उन्हें फिर से जेल भेज दिया जाएगा।


पैरोल की शर्तें


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अली और उमर को पैरोल देते समय कुछ शर्तें भी लगाई हैं। दोनों को मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं है, और सोशल मीडिया पर किसी भी गतिविधि पर रोक है। इसके अलावा, वे किसी सार्वजनिक सभा में भाग नहीं ले सकते।


यह पहली बार है जब चार साल में उन्हें पैरोल मिली है। लखनऊ और झांसी के बीच की दूरी को देखते हुए, उन्हें प्रयागराज पहुंचने में लगभग 6 से 7 घंटे लग सकते हैं। ऐसे में अबान का अंतिम संस्कार शनिवार रात तक होने की संभावना है।


अबान का अंतिम संस्कार


अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाया जाएगा। इस कब्रिस्तान में अतीक के पिता फिरोज अहमद, भाई अशरफ और बेटे असद की भी कब्रें हैं।


अतीक अहमद के बेटों को मिली पैरोल, भाई के जनाजे में शामिल होने का मौका

आबान की कब्र खोद दी गई है, बारिश से बचाव के लिए टेंट ताना गया है।


अबान का सड़क हादसा


अबान की गुरुवार सुबह झांसी में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वह अपने भाई अली से मिलने के लिए प्रयागराज से झांसी जा रहा था। उसके साथ चार दोस्त भी थे। बताया गया कि सुबह लगभग 10:30 बजे हाईवे पर एक जानवर को बचाने के प्रयास में उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। शुक्रवार तड़के, अबान और सोनू के शव एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। अबान की बुआ का घर इसी गांव में है। अतीक का घर गिराए जाने के बाद अबान यहीं रह रहा था।