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अनंत अंबानी ने 22 महीने के बच्चे के इलाज के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

मुंबई में एक 22 महीने का बच्चा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। उद्योगपति अनंत अंबानी ने जब बच्चे की मदद का बैनर देखा, तो उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया। जानें इस मानवीय कदम की पूरी कहानी और SMA बीमारी के बारे में।
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मुंबई में एक बच्चे की मदद के लिए अनंत अंबानी का बड़ा कदम

मुंबई: एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त 22 महीने के बच्चे के लिए उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने मदद का हाथ बढ़ाया है। महाराष्ट्र का नन्हा वेदांश 'स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी' (SMA) नामक जानलेवा न्यूरोमस्कुलर बीमारी से जूझ रहा है, जिसके इलाज का खर्च लगभग 10 करोड़ रुपये है। एक साधारण परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना संभव नहीं था, लेकिन अनंत अंबानी ने जब बच्चे की मदद के लिए बैनर देखा, तो उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और इलाज का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया।


बैनर देखकर रुके अनंत अंबानी
मिड-डे मुंबई की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मयूरेश गुजर और उनकी टीम पिछले एक महीने से मासूम वेदांश की जिंदगी बचाने के लिए क्राउडफंडिंग कर रहे थे। टीम के सदस्य सड़कों, मंदिरों और सार्वजनिक आयोजनों के बाहर खड़े होकर लोगों से मदद मांग रहे थे।


20 सितंबर की रात को मयूरेश और उनकी टीम 'लालबागचा राजा' पंडाल के पास बैनर लेकर खड़े थे। 21 सितंबर की सुबह करीब 5:18 बजे अनंत अंबानी वहां से लौट रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे खड़े युवाओं के हाथ में डोनेशन बैनर पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई।


 

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बच्चे की कहानी सुनकर अनंत अंबानी ने दी मदद का भरोसा
गाड़ी रुकते ही मयूरेश गुजर ने अनंत अंबानी को वेदांश की बीमारी और उसके इलाज की गंभीरता के बारे में बताया। अनंत अंबानी ने तुरंत मदद का भरोसा दिलाया कि वेदांश के इलाज का पूरा खर्च वे खुद उठाएंगे। इस निर्णय से बच्चे के माता-पिता और मदद में जुटे युवाओं की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।


स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) क्या है?
स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) एक गंभीर और जानलेवा जेनेटिक बीमारी है, जो SMN1 जीन में म्यूटेशन के कारण होती है। इसके कारण शरीर में 'SMN प्रोटीन' की कमी हो जाती है, जो मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली कोशिकाओं के लिए आवश्यक है। इसके अभाव में मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।


इस बीमारी की दवाएं इतनी महंगी क्यों हैं?
SMA का इलाज अत्याधुनिक जीन थेरेपी पर आधारित होता है, जो मरीज के डीएनए स्तर पर काम करती है। इस तरह की दवाओं के विकास में वर्षों और अरबों डॉलर का खर्च आता है। दुर्लभ मामलों के कारण इन दवाओं का उत्पादन सीमित होता है, जिससे कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है।