अनंत सिंह की जमानत रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने दिया सरेंडर का आदेश
अनंत सिंह को फिर से जेल जाना होगा
बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से विधायक अनंत सिंह को एक बार फिर जेल की हवा खानी पड़ेगी। दुलारचंद हत्याकांड में जमानत पर रिहा हुए अनंत सिंह की जमानत को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अनंत सिंह को 1 दिसंबर से पहले आत्मसमर्पण करना होगा। हाल ही में उन्हें उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) से बाहर किया गया है, और JDU ने उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की याचिका भी दायर की है। यह सब अनंत सिंह की पार्टी के खिलाफ बगावत के बाद हुआ है। उन्होंने विधान परिषद चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया था, लेकिन नीरज चुनाव जीतने में सफल रहे।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस पी वी वराले ने शुक्रवार को अनंत सिंह की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि पटना हाई कोर्ट ने जमानत देते समय गलती की। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता पर ध्यान नहीं दिया। इसी आधार पर, सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट के निर्णय को पलटते हुए अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी।
दुलारचंद हत्याकांड का समयरेखा
30 अक्टूबर 2025: विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज समर्थक दुलार चंद यादव और अनंत सिंह के समर्थक आपस में भिड़ गए, जिसमें दुलार चंद यादव की हत्या हो गई।
31 अक्टूबर 2025: चुनाव आयोग ने चार अधिकारियों को हटाया और एक को निलंबित किया, जबकि जांच CID को सौंप दी गई।
1-2 नवंबर 2025: अनंत सिंह और उनके दो सहयोगियों को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया।
14 नवंबर 2025: अनंत सिंह ने मोकामा सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीत लिया।
16 मार्च 2026: अनंत सिंह जेल से विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डालने आए।
19 मार्च 2026: पटना हाई कोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत दी।
23 मार्च 2026: अनंत सिंह जेल से रिहा हुए।
31 मार्च 2026: अनंत सिंह के भतीजों धर्मवीर और कर्मवीर को भी जमानत मिली।
24 अक्टूबर 2026: JDU ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया।
30 अक्टूबर 2026: जमानत रद्द, 1 दिसंबर से पहले आत्मसमर्पण का आदेश।
