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अनिल बलूनी की पदस्थापना: उत्तराखंड की राजनीति में बदलाव

हाल ही में नितिन नबीन ने मीडिया और सोशल मीडिया की टीम में बदलाव किया है, जिसमें अनिल बलूनी अपनी स्थिति पर बने हुए हैं। संजय मयूख को हटाकर तीन नए सह संयोजक नियुक्त किए गए हैं। इस बदलाव के पीछे की राजनीति और उत्तराखंड के आगामी चुनावों पर इसका प्रभाव जानें। क्या बलूनी की स्थिति चुनावों में महत्वपूर्ण साबित होगी? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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मीडिया टीम में बदलाव


नितिन नबीन ने मीडिया और सोशल मीडिया की पूरी टीम में बदलाव किया है, लेकिन अनिल बलूनी अपनी स्थिति पर बने हुए हैं। उनके सहयोगी संजय मयूख को हटा दिया गया है, जो पहले से मीडिया के दैनिक कार्यों का संचालन कर रहे थे। बलूनी, जो पहले राज्यसभा में थे और अब लोकसभा सांसद हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। इसलिए वे उत्तराखंड की राजनीति में सक्रियता बनाए रखते हैं। दिल्ली में संपादकों के साथ संपर्क साधना भी उनके कार्यों में शामिल है।


संजय मयूख की विदाई

सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद, पटना से आने वाले दूसरे कायस्थ नेता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई। इसके अलावा, रितुराज सिन्हा को भी किसी न किसी तरह से समायोजित करना था। इस कारण संजय मयूख को हटाया गया और रितुराज सिन्हा को भाजपा के प्रकोष्ठों का सह संयोजक बनाया गया। इस बदलाव के पीछे की चर्चा यह है कि नितिन नबीन के आने से रितुराज को लाभ मिला जबकि संजय को बाहर किया गया। बलूनी की स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें उत्तराखंड चुनाव के मद्देनजर बनाए रखा गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड से चार लोगों को संगठन में स्थान मिला है।