अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में आईएसआईएस ठिकानों पर हवाई हमले का किया दावा
अफगानिस्तान की वायुसेना का हवाई हमला
काबुल: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आईएसआईएस (दाएश) से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि ये हमले मंगलवार रात को उन ठिकानों पर किए गए, जहां से अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाई जा रही थी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानन क्षेत्र में एक संयुक्त आईएसआईएस केंद्र को निशाना बनाया गया। यह केंद्र अफगान नागरिकों के खिलाफ बम धमाकों और आतंकवादी गतिविधियों का संचालन करने का प्रमुख स्थान था।
इसके अतिरिक्त, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल क्षेत्र में एक अन्य दाएश केंद्र पर भी सफल हवाई हमला किया गया। साथ ही, चित्राल के शाह सलीम घाटी के गरम चश्मा क्षेत्र में स्थित एक संयुक्त दाएश ठिकाने को भी निशाना बनाया गया। मंत्रालय का दावा है कि इन ठिकानों से नागरिकों पर हमलों की योजना बनाई जा रही थी।
रक्षा मंत्रालय ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कहा कि इन हमलों में आईएसआईएस और उसके समर्थकों को भारी नुकसान हुआ है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि हमले केवल निर्धारित सैन्य लक्ष्यों पर किए गए और इनमें किसी नागरिक की हानि नहीं हुई।
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी अफगानिस्तान की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी ठिकाने को निशाना बनाया जाएगा।
इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार रात ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान की सीमा से चार साधारण ड्रोन भेजे गए थे, जिन्हें पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते पहचानकर नष्ट कर दिया।
सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) के अनुसार, ये ड्रोन अफगान तालिबान शासन द्वारा उन आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने की नीति का हिस्सा थे, जो अफगानिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से सक्रिय हैं।
मंगलवार देर रात पेशावर के बाहरी क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन हमले की भी खबर है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और एक ही परिवार के छह लोग घायल हो गए।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में हवाई हमलों में 36 नागरिकों की मौत और 163 अन्य के घायल होने का दावा किया था।
इसके बाद, अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तान दूतावास के प्रभारी को तलब कर अफगान हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और नागरिक घरों पर बमबारी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
अफगान विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
