Newzfatafatlogo

अभिजीत दीपके का सरकार पर आरोप: प्रदर्शन में भेदभाव से बढ़ता है अविश्वास

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में सरकार पर आरोप लगाया कि वह विभिन्न प्रदर्शनों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाकर अविश्वास पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब CJP को प्रदर्शन की अनुमति मिली, तो कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाना शुरू कर दिया कि उन्हें BJP ने भेजा है। दीपके ने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें 10 अक्टूबर जैसी सख्त कार्रवाई नहीं देखी गई। जानें उनके विचार और CJP के प्रदर्शन के बारे में।
 | 

सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये पर अभिजीत दीपके की टिप्पणी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में कहा कि सरकार विभिन्न प्रदर्शनों के प्रति भेदभावपूर्ण व्यवहार करके उन लोगों के बीच संदेह और अविश्वास पैदा कर रही है, जो समान उद्देश्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मंगलवार को दिए गए बयान में, दीपके ने बताया कि जब CJP को प्रदर्शन की अनुमति मिली, तो कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाना शुरू कर दिया कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा भेजा गया है।


दीपके ने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें 10 अक्टूबर जैसी कठोर कार्रवाई नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि सरकार एक प्रदर्शन को अनुमति दे सकती है और दूसरे को दबा सकती है, और यह स्थिति कभी भी बदल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन पर सवाल उठाने वाले लोग चाहते हैं कि लोग एक-दूसरे पर संदेह करें, बजाय इसके कि वे सत्ता से सवाल पूछें।


साजिश की थ्योरी पर अभिजीत दीपके का बयान

अभिजीत दीपके, संस्थापक, कॉकरोच जनता पार्टी:-
जब CJP को विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत मिली, तो कई लोगों ने तुरंत ऐसी साजिश की थ्योरी फैला दीं कि हमें BJP ने भेजा है। कल INDIA गठबंधन ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन 10 अक्टूबर को जैसा सख्त रवैया अपनाया गया था, वैसा कुछ नहीं हुआ। सरकार ठीक इसी तरह हमें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करती है। अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग बर्ताव करके, वे उन लोगों के बीच शक और अविश्वास पैदा करते हैं जो असल में एक ही मकसद के लिए लड़ रहे हैं।


दीपके ने आगे कहा कि लोगों को इन चालों को पहचानना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपस में लड़ना और जाल में फंसना गलत है। उनका मुख्य लक्ष्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके समर्थकों के खिलाफ लड़ाई है।


CJP का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

CJP ने 10 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस दौरान पुलिस ने लगभग 40,000 जवानों को तैनात किया था। प्रदर्शन स्थल जंतर मंतर तक पहुंचने से पहले ही अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया गया।


11 अक्टूबर को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक साल तक प्रदर्शन से दूर रहने की शर्त पर रिहा किया गया।


कांग्रेस की रैली और CJP का प्रदर्शन

कांग्रेस के नेतृत्व में सोमवार को इंडिया ब्लॉक की रैली आयोजित की गई, जो कन्स्टीट्यूशन क्लब से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट तक गई। इस दौरान पुलिस ने मूकदर्शक की भूमिका निभाई, जबकि हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। CJP के आंदोलन के दौरान लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन विपक्ष की रैली में ऐसा कुछ नहीं हुआ।


मंडी हाउस पर प्रदर्शनकारियों को रोका गया, जबकि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे प्रमुख नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर में दाखिल हो गए। अभिजीत दीपके ने इन सवालों के जवाब में अपना बयान जारी किया है। इसी दिन CJP ने प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए संसद मार्ग थाने में आवेदन दिया था।