अमरावती में आनंद मठ आश्रम के प्रमुख पर दुष्कर्म का मामला दर्ज
मामले का विवरण
अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के चांदूर रेलवे में स्थित प्रसिद्ध आनंद मठ आश्रम के प्रमुख, दत्तगिरी गुरु जयरामजी महाराज, के खिलाफ पुलिस ने दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। FIR के बाद से आरोपी फरार है, और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
10 वर्षों का शोषण
स्थानीय पुलिस को दी गई शिकायत में, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह पहली बार 2014 में एक कार्यक्रम के दौरान इस आध्यात्मिक गुरु से मिली थी। 2016 से वह आश्रम में रहने लगी। पीड़िता का कहना है कि जब वह नाबालिग थी, तब आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया।
तलाक और अपमान
पीड़िता शादीशुदा है, फिर भी आरोपी ने उसे लगातार परेशान किया और अपने पति से तलाक लेने के लिए मजबूर किया। तलाक के बाद, उसे आनंद मठ में पत्नी की तरह रखा गया। आरोपी ने श्रद्धालुओं से पैसे इकट्ठा करने में भी उसका इस्तेमाल किया और उन पैसों का दुरुपयोग किया। कुछ समय बाद, उसे मठ से बाहर निकाल दिया गया। जब वह दोबारा वहां गई, तो उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उसे मारपीट कर भगा दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
स्थानीय रेलवे पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक सुरेश मस्के ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 64(2) के तहत दुष्कर्म, धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी और POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
