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अमित शाह का बड़ा ऐलान: 2029 तक 21 राज्यों में लागू होगा समान नागरिक संहिता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि समान नागरिक संहिता (UCC) 2029 तक भाजपा और NDA के शासन वाले 21 राज्यों में लागू की जाएगी। यह ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर किया गया। शाह ने बताया कि कई राज्यों में UCC पहले से लागू है और उन्होंने भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की भी सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार की नीति को स्पष्ट किया। जानें इस अभियान के बारे में और भी जानकारी।
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समान नागरिक संहिता का ऐलान

मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा और NDA के शासन वाले सभी 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले 30 दिवसीय ‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान की गई।


UCC का कार्यान्वयन

मुंबई में अभियान के संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए अमित शाह ने बताया कि कई राज्यों में पहले से ही UCC लागू किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2029 से पहले भाजपा शासित सभी 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।


भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव

दुनिया में बढ़ा भारत का कद: शाह


अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत का वैश्विक स्तर पर प्रभाव काफी बढ़ा है। उनके अनुसार, आज दुनिया के किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर भारत और उसके प्रधानमंत्री की राय को गंभीरता से लिया जाता है।


भारत को 2047 तक अग्रणी बनाने का लक्ष्य

2047 तक भारत को सबसे आगे ले जाने का लक्ष्य


गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों में यह विश्वास जगाया है कि 15 अगस्त 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों से आगे निकल सकता है।


घुसपैठियों पर अमित शाह का बयान

घुसपैठियों पर भी शाह का बड़ा बयान


अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर अमित शाह ने दोहराया कि सरकार देश में मौजूद सभी अवैध घुसपैठियों की पहचान करेगी और उन्हें बाहर निकाला जाएगा।


गलवान घटना के बाद भारत-चीन सीमा पर स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर शाह ने कहा कि सरकार जनता से संवाद करती है और लोगों को पूरा भरोसा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ मामले इतने संवेदनशील हैं कि उनकी जानकारी सार्वजनिक करना न तो राष्ट्रहित में है और न ही सेना के हित में।