अमित शाह ने गोवा में नशीले पदार्थों पर की चर्चा, सुरक्षा में सुधार के कदमों का किया उल्लेख
गोवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह का बयान
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा के पणजी में नशीले पदार्थों से संबंधित मुद्दों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से गृह मंत्रालय ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के समय देश को तीन बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था: जम्मू-कश्मीर में बढ़ता आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में सक्रिय हथियारबंद समूह।
उन्होंने आगे कहा कि 2019 से अब तक, मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद अलगाववाद की भावना में काफी कमी आई है। आतंकवाद के आंकड़े धीरे-धीरे शून्य की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, और जम्मू-कश्मीर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है। इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों के बीच की मानसिक दूरी को कम करने के प्रयास भी सफल रहे हैं।
पांच दशक पुरानी नक्सलवाद की समस्या अब अतीत की बात बन चुकी है। तिरुपति से पशुपतिनाथ तक रेड कॉरिडोर की कल्पना करने वाले सभी लोग अब हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसी तरह, पूर्वोत्तर में लगभग 10,000 युवाओं ने हथियार डाल दिए हैं। भारत सरकार ने उनके साथ 14 से अधिक समझौते किए हैं, और अब पूर्वोत्तर भी विकास के रास्ते पर चल पड़ा है।
गृह मंत्री ने बताया कि 2019 के बाद, हमने देश में अपराध करके भागने वाले भगौड़ों के खिलाफ भी अभियान चलाया। 2019 से जुलाई 2026 तक, 36 देशों से 274 भगौड़ों का प्रत्यर्पण किया गया है, जिससे उन्हें भारतीय अदालतों के सामने लाने का कार्य किया गया है। 2019 से 2026 के बीच लगभग 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति भी सील की गई है। नई न्याय संहिताओं ने इन पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता खोला है। हमने साइबर अपराधों के खिलाफ भी एक व्यवस्थित तंत्र स्थापित किया है, जिसका मोदी जी स्वयं निगरानी कर रहे हैं। आज 1930 साइबर अपराधों से बचने के लिए एक प्रभावी उपाय के रूप में उभरा है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। नारकोटिक्स एक ऐसा अपराध है जो हमारी आने वाली पीढ़ियों को नष्ट कर सकता है और इसके माध्यम से अर्जित धन का उपयोग आतंकवाद के लिए भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले, यह लड़ाई टुकड़ों में लड़ी जाती थी, लेकिन 2019 से इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का प्राथमिकता का विषय बनाया गया है। नार्को के खिलाफ हमारी लड़ाई अब एक समन्वित और सतत अभियान बन चुकी है।
2004 से 2014 के बीच कांग्रेस के शासनकाल में जब्त ड्रग्स की मात्रा 26 लाख किलोग्राम थी, जबकि 2014 से 2026 के बीच 1 करोड़ 19 लाख किलोग्राम से अधिक ड्रग्स पकड़ा गया है। कांग्रेस के शासन में जब्त ड्रग्स का मूल्य 40 हजार करोड़ रुपये था, जबकि मोदी जी के नेतृत्व में पकड़े गए ड्रग्स का मूल्य 1 लाख 89 हजार करोड़ रुपये है। 2026 से 2029 को हमने मिशन मोड़ अवधि के रूप में चिन्हित किया है, जिसमें समय सीमाएं तय की गई हैं और विभिन्न मंत्रालयों को उत्तरदायी बनाया गया है।
