अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप ने बड़े सैन्य हमले रोके, पैट्रियट मिसाइलों की कमी मुख्य कारण
नई रिपोर्ट में सामने आई चिंताएँ
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने सबका ध्यान खींचा है। एक प्रमुख अमेरिकी समाचार पत्र के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे सेना के उच्च अधिकारियों की चेतावनी है, जिसमें बताया गया है कि लगातार हमलों के कारण अमेरिका के पास मौजूद पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार तेजी से घट रहा है। इससे पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।
पेंटागन की चिंताएँ
रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक में सेना के अधिकारियों ने ट्रंप को बताया कि पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार अपेक्षा से अधिक तेजी से कम हो रहा है।
संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने ट्रंप को सलाह दी कि अमेरिका बड़े हमले करने की क्षमता रखता है, लेकिन ऐसा करने से पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की।
ट्रंप का निर्णय
पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी के कारण पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकने की धमकी दी है। एक लंबा युद्ध वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। खाड़ी देशों ने अमेरिका से संयम बरतने और कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील की है।
संवाद का रास्ता?
बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत का विकल्प भी खुला है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने भी कहा कि राष्ट्रपति कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ओमान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि तनाव कम हो सके और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही फिर से शुरू हो सके। शनिवार को अमेरिका ने ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया, जो कि लगातार 13 दिनों की सैन्य कार्रवाई के बाद है।
