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अमेरिका-ईरान तनाव से ऊर्जा बाजार पर असर, ट्रंप का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर स्पष्ट है। कच्चे तेल की कीमतें 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध जीतने पर गैस की कीमतें गिरेंगी। ईरान ने भी अपने गैस खरीदारों के लिए कीमतें बढ़ाई हैं। जानें इस स्थिति का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। वर्तमान में Brent Crude की कीमत 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे वैश्विक महंगाई और आर्थिक दबाव की चिंताएं बढ़ गई हैं।


ट्रंप का भविष्यवाणी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका की जीत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में गैस की कीमतें 3 डॉलर प्रति गैलन तक गिर सकती हैं और बाद में 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जा सकती हैं।


सोशल मीडिया पर ट्रंप का बयान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस युद्ध को जीतेगा और इसके बाद ऊर्जा बाजार में स्थिरता आएगी।


ईरान का रुख

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति जल्द ही स्पष्ट हो जाएगी और ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।


ईरान की आर्थिक स्थिति

दूसरी ओर, आर्थिक संकट से जूझ रहे ईरान ने अपने सबसे बड़े गैस खरीदारों के लिए ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के कारण ईरान की ओर से गैस की कीमतों में यह दूसरी वृद्धि है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें

खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई थी। Brent Crude लगभग 97.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि West Texas Intermediate (WTI) की कीमत लगभग 93 डॉलर प्रति बैरल थी।


मिडिल ईस्ट में तनाव का प्रभाव

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।