अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता: प्रतिबंध हटाने और आर्थिक सहयोग की नई दिशा
समझौते का सारांश
वाशिंगटन- अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को समाप्त करने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीजफायर को बढ़ावा देना और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग ट्रांजिट को फिर से शुरू करना है।
इस 14 बिंदुओं वाले समझौते के तहत ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं, जिससे वह अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेच सकेगा। इसके अलावा, ईरान को अरबों डॉलर की प्रतिबंधित संपत्तियों और 300 बिलियन डॉलर की फंडिंग भी प्राप्त हो सकती है।
समझौते की मुख्य बातें
1. अमेरिका और ईरान ने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने का ऐलान किया गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य ऑपरेशन शुरू नहीं करने का वादा करते हैं।
2. दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का संकल्प लेते हैं।
3. अमेरिका और ईरान ने 60 दिनों के भीतर बातचीत कर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने का वादा किया है।
4. समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद, अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसेना की नाकेबंदी को हटाना शुरू करेगा।
5. ईरान वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
6. अमेरिका ईरान के आर्थिक विकास के लिए 300 बिलियन डॉलर का एक योजना बनाने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग करेगा।
7. अमेरिका सभी प्रकार के प्रतिबंध हटाने का वादा करता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
8. ईरान यह सुनिश्चित करेगा कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा।
9. दोनों पक्ष मौजूदा स्थिति बनाए रखने पर सहमत हैं।
10. अमेरिका ईरान के कच्चे तेल और अन्य उत्पादों के निर्यात के लिए छूट देगा।
11. अमेरिका ईरान के फ्रीज किए गए फंड और संपत्तियों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने का वादा करता है।
12. समझौते के सफल कार्यान्वयन के लिए एक कार्यकारी प्रणाली बनाई जाएगी।
13. समझौते के लागू होने के बाद, अमेरिका और ईरान फाइनल डील पर बातचीत शुरू करेंगे।
14. अंतिम डील को यूएनएससी के एक बाइंडिंग प्रस्ताव से मंजूरी मिलेगी।
