Newzfatafatlogo

अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजने के लिए ट्रंप प्रशासन ने नई नीति लागू की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, प्रशासन ने शरण देने की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है। इस नीति के तहत, कई देशों के साथ समझौते किए जाएंगे ताकि वे अपने नागरिकों को वापस ले सकें। इसके अलावा, मेक्सिको की सीमा पर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा, जिसमें दीवार का निर्माण और ड्रोन निगरानी शामिल है। जानें इस नई नीति के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 | 

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ट्रंप प्रशासन की नई नीति


वाशिंगटन: अमेरिका में अवैध प्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने शरण देने की प्रक्रिया को समाप्त करने का निर्णय लिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ, स्टीफन मिलर ने कहा कि सरकार अब कठोर आव्रजन नीतियों पर आगे बढ़ रही है।


अवैध प्रवासियों की वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौते

मिलर ने बताया कि प्रशासन कई देशों के साथ समझौते की प्रक्रिया में है, जिसके तहत उन देशों को अपने नागरिकों को वापस लेने की आवश्यकता होगी। अमेरिका अब अवैध प्रवासियों को और अधिक सहन नहीं करेगा, और जो लोग शरण लेने के लिए अमेरिका आए हैं, उन्हें किसी अन्य देश में जाना होगा।


संसाधनों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम देश के संसाधनों की सुरक्षा और अपराधियों से बचाव के लिए उठाया गया है। हाल ही में, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मेक्सिको से आए अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के ट्रंप प्रशासन के निर्णय को सही ठहराया।


मेक्सिको की दीवार का निर्माण

आंतरिक सुरक्षा मंत्री मार्कवायने मुलिन ने कहा कि मेक्सिको की सीमा पर दीवार का निर्माण और अन्य सुरक्षा उपाय 2028 तक ट्रंप के कार्यकाल में पूरे होंगे। ट्रंप ने 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी, लेकिन बाइडन प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई।


निगरानी के लिए ड्रोन और सर्विलांस का उपयोग

2025 में ट्रंप के पुनः राष्ट्रपति बनने पर इस योजना को फिर से शुरू किया जाएगा, जिसमें सीमा पर दो दीवारें बनाई जाएंगी। इसके अलावा, तार बाड़, ड्रोन निगरानी, और गश्त के माध्यम से अवैध प्रवासियों की पहचान और रोकथाम की जाएगी। मेक्सिको सीमा से अवैध प्रवास और नशीले पदार्थों की तस्करी की समस्या सबसे अधिक है।