अमेरिका में पहली बार लाइव प्रसारण के साथ दी जाएगी मौत की सजा
संयुक्त राज्य अमेरिका में ऐतिहासिक निर्णय
वाशिंगटन: अमेरिका के न्यायिक इतिहास में पहली बार किसी दोषी को मौत की सजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह घोषणा की है कि 2009 के फोर्ट हुड सैन्य नरसंहार के दोषी पूर्व आर्मी मेजर निदाल मलिक हसन को फायरिंग स्क्वॉड द्वारा सजा दी जाएगी। यह घटना 3 दिसंबर 2026 को टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर दोपहर 1 बजे होगी, जहां 17 साल पहले हसन ने गोलीबारी की थी।
राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी और प्रसारण की अनिश्चितता
राष्ट्रपति ट्रंप ने दी मंजूरी: निदाल हसन की मौत की सजा पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम मुहर लगाई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस सजा का लाइव प्रसारण किस प्लेटफॉर्म पर होगा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस मुद्दे पर विभिन्न रिपोर्टें आ रही हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिकी कानून किसी कैदी की मौत का लाइव वीडियो दिखाने की अनुमति देता है।
2009 का नरसंहार और उसके परिणाम
दर्दनाक घटना: यह घटना 5 नवंबर 2009 को हुई थी, जब मेजर निदाल हसन ने फोर्ट हुड में अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 13 सैनिकों की जान गई थी और 32 अन्य घायल हुए थे। अगस्त 2013 में, एक सैन्य अदालत ने हसन को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च 2025 को उसकी अपील खारिज कर दी थी, जिसके बाद सजा पर अमल का रास्ता साफ हुआ।
फायरिंग स्क्वॉड और लाइव प्रसारण की कानूनी स्थिति
कानूनी वैधता: अमेरिकी कानून के अनुसार, फायरिंग स्क्वॉड द्वारा मौत की सजा देना वैध है। हालांकि, निष्पादन का लाइव प्रसारण एक अलग कानूनी प्रश्न है। संघीय जेलों के नियमों के अनुसार, निष्पादन की रिकॉर्डिंग वर्जित है, लेकिन सैन्य जेलों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है। यदि इसका सीधा प्रसारण किया गया, तो यह सैन्य नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
अमेरिका में सार्वजनिक निष्पादन का इतिहास
पिछला सार्वजनिक निष्पादन: अमेरिका में आखिरी सार्वजनिक निष्पादन 14 अगस्त 1936 को हुआ था। उस समय एक महिला के बलात्कार और हत्या के दोषी को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई थी। इसके बाद से अमेरिका में सार्वजनिक निष्पादन पर रोक लगा दी गई थी। अब, छह दशक बाद, फायरिंग स्क्वॉड का उपयोग और उसका लाइव प्रसारण एक बड़ा विवाद बन गया है।
