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अमेरिकी अदालत ने ट्रंप के जन्मसिद्ध नागरिकता आदेश पर लगाई रोक

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के नए आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। न्यायाधीश ने कहा कि यह आदेश संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। ट्रंप के प्रयासों को पहले भी उच्चतम न्यायालय ने खारिज किया था। नए आदेश में 'जन्म पर्यटन' और विदेशी शत्रुओं के बच्चों को नागरिकता देने पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को असंवैधानिक बताया है और इसके संभावित दुष्प्रभावों पर चिंता जताई है।
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संविधान के उल्लंघन का आरोप


एक संघीय अदालत ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए जारी किए गए नए कार्यकारी आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।


अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा बोर्डमैन ने कहा कि याचिका दायर करने वालों का यह तर्क सही है कि यह आदेश संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। इस संशोधन के तहत अमेरिका में जन्मे या प्राकृतिक नागरिक बने सभी व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार है।


ट्रंप ने पिछले वर्ष अपने कार्यकाल की शुरुआत के बाद से जन्मसिद्ध नागरिकता को समाप्त करने का प्रयास किया है। उच्चतम न्यायालय ने पहले उनके प्रयास को खारिज कर दिया था। इसके बाद, ट्रंप ने पिछले महीने एक नया आदेश जारी किया, जिसमें 'जन्म पर्यटन' और विदेशी शत्रुओं के बच्चों को नागरिकता देने पर रोक लगाने का प्रयास किया गया।


न्यायाधीश का निर्णय

न्यायाधीश बोर्डमैन ने कहा कि 2026 का कार्यकारी आदेश संभवतः असंवैधानिक है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय पहले ही जन्म के समय बच्चों को नागरिक मान चुका है। उन्होंने कहा कि अदालत को राष्ट्रपति के नागरिकता अधिकार को छीनने के प्रयास पर रोक लगानी चाहिए।


सरकार के वकीलों ने तर्क दिया कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णय ने प्रशासन को जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के नियम बनाने से नहीं रोका है। उन्होंने कहा कि कुछ अपवाद, जैसे राजनयिकों के बच्चे, ऐतिहासिक रूप से मान्य रहे हैं।


याचिकाकर्ताओं में कई प्रवासी और वकालत संगठन शामिल हैं, जिन्होंने तर्क दिया कि नया आदेश असंवैधानिक रूप से जन्मसिद्ध नागरिकता के ऐतिहासिक अपवादों का विस्तार करता है।


आशंकाएँ और चिंताएँ

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने यह भी चिंता व्यक्त की कि माता-पिता पर गलत आरोपों के आधार पर उनके बच्चों को नागरिकता से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने 'विदेशी शत्रु' की परिभाषा में कुछ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के कथित सदस्यों को भी शामिल किया है।


इसके अलावा, कुछ याचिकाकर्ताओं को यह चिंता है कि अमेरिका की यात्रा के लिए विमान का टिकट खरीदना भी आदेश में उल्लिखित 'वाणिज्यिक लेनदेन' की श्रेणी में आ सकता है।