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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ शांति वार्ता में भाग लिया। यह वार्ता पश्चिम एशिया में तनाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। वेंस ने कहा कि वह केवल एक या दो दिन रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि परमाणु मुद्दे और लेबनान में संघर्ष-विराम पर प्रगति होगी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है, जो अमेरिका के साथ तकनीकी बातचीत के लिए आया है। जानें इस वार्ता के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल

अमेरिकी उपराष्ट्रपति का स्विट्जरलैंड दौरा


अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए कदम रखा। वेंस और उनकी पत्नी, सेकंड लेडी उषा वेंस, ने शनिवार को ईरान के साथ तकनीकी स्तर की बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड की यात्रा की। यह वार्ता पश्चिम एशिया में तनाव को कम करने के लिए एक 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद हो रही है, जबकि परमाणु और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत जारी है।


ल्यूसर्न में वार्ता का आयोजन

जेडी वेंस के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति ल्यूसर्न के पास वार्ता में भाग लेंगे। स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें पता है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है और वार्ता कुछ दिनों तक चल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह केवल एक या दो दिन ही वहां रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि परमाणु मुद्दे और लेबनान में संघर्ष-विराम पर प्रगति होगी।


लेबनान की स्थिति पर चर्चा

वेंस ने लेबनान की स्थिति पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति वास्तव में बेहतर हो रही है और घटनाएँ थोड़ी धीमी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि रुबियो मार्को और उनकी टीम लेबनान में हो रही घटनाओं पर सक्रिय रूप से ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य तनाव को बढ़ने से रोकना और क्षेत्रीय स्थिरता को सुनिश्चित करना है।


ईरानी प्रतिनिधिमंडल की स्विट्जरलैंड में उपस्थिति

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड की राजधानी ज्यूरिख पहुंच गया है। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ तकनीकी बातचीत के पहले दौर के लिए आया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वार्ता दल का नाम 'मिनाब 168' रखा गया है, जो मिनाब स्कूल की घटना के पीड़ितों के सम्मान में है।