अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा: भारत को बताया रिफाइनिंग सुपरपावर
भारत की भूमिका पर जोर
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को रिफाइनिंग सुपरपावर के रूप में मान्यता दी है। उनका भारत दौरा जारी है, और मंगलवार को उन्होंने मुंबई में आयोजित फ्रीडम 250 समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। यह समारोह अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध 21वीं सदी की दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे।
भविष्य के लिए अवसर
रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के पास मिलकर भविष्य को आकार देने का एक बड़ा अवसर है। दोनों देश वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार और कारोबारी गतिविधियों पर प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, आज के निर्णय आने वाली पीढ़ियों पर भी प्रभाव डालेंगे।
रुबियो का बयान
रुबियो ने भारत को दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला और सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि अमेरिका के लिए भारत एक महत्वपूर्ण कारोबारी और रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और क्वाड जैसे मंचों पर साझेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चस्तरीय वार्ताओं और यात्राओं की संख्या बढ़ानी चाहिए।
साझा हितों की आवश्यकता
अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका के बीच हर मुद्दे पर सहमति होना आवश्यक नहीं है। कुछ मामलों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर तालमेल महत्वपूर्ण है। रुबियो ने कहा कि साझा हितों की यह साझेदारी वैश्विक राजनीति और आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
जयशंकर से बातचीत
भारत दौरे के दौरान, रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बातचीत में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, उभरती तकनीकों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रुबियो ने मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
जामनगर की यात्रा
रुबियो 20 से 22 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे। मुंबई के बाद, उनका अगला गंतव्य गुजरात का जामनगर है, जहां वह रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा करेंगे। इस यात्रा में व्यापार और ऊर्जा सहयोग को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
