अमेरिकी सीनेटरों ने पाकिस्तान और कतर की भूमिका पर उठाए सवाल
पाकिस्तान और कतर पर गंभीर आरोप
वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक टिप्पणी के बाद, दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने पाकिस्तान और कतर की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इन सीनेटरों ने दोनों देशों पर आतंकवादियों को शरण देने और चरमपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका के असली सहयोगी कौन हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और कतर का आतंकवादियों को पनाह देने का एक लंबा इतिहास है और ये क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के बजाय ईरान के आतंकवादी नेटवर्क को बढ़ावा देने में अधिक रुचि रखते हैं।
स्कॉट की यह टिप्पणी स्विट्जरलैंड में जे.डी. वेंस के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था, 'हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं।' वेंस वहां पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधियों के साथ ईरान से जुड़े संभावित शांति समझौते पर चर्चा कर रहे थे। स्कॉट ने कहा कि ऐसे समझौते की संभावना बनी हुई है जिससे सभी पक्षों को लाभ मिल सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे न बढ़ सके।
मोंटाना के रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने भी पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को वर्षों तक छिपाए रखने के मामले का जिक्र किया और कहा कि दुनिया को पाकिस्तान की उस भूमिका को नहीं भूलना चाहिए।
शीही ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अतीत में विभिन्न कट्टरपंथी तत्वों को समर्थन दिया और अमेरिका विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड वाले देश को पूरी तरह निष्पक्ष मध्यस्थ मानना कठिन है। सीनेटर ने सुझाव दिया कि यदि पाकिस्तान और कतर को वार्ता प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है, तो अमेरिका को अपने पारंपरिक सहयोगियों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इजरायल और सऊदी अरब को भी बातचीत का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में यूएई, इजरायल और सऊदी अरब अमेरिका के सबसे भरोसेमंद साझेदार हैं और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। शीही ने यह भी आरोप लगाया कि कतर लंबे समय से कुछ आतंकी संगठनों के लिए वित्तीय नेटवर्क का केंद्र रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को अपने पारंपरिक सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए, क्योंकि भविष्य में भी यही देश क्षेत्र में उसके सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बने रहेंगे।
