अयोध्या राम मंदिर CEO पद के लिए पूर्व अफसरों का इंटरव्यू
अयोध्या में CEO पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया
अयोध्या । मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद हेतु 8 पूर्व अधिकारियों ने इंटरव्यू दिया। इनमें 3 पूर्व IAS, 1 IPS और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व IPS राजेश पांडेय और जौनपुर के पूर्व DM दिनेश चंद्र ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया।
इंटरव्यू का समय सुबह 11:30 बजे से 2 बजे तक निर्धारित था। सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार का इंटरव्यू 15 से 20 मिनट तक चला। उनसे उनके कार्य अनुभव, धार्मिक क्षेत्र में योगदान, भगवान राम के प्रति आस्था, और पारिवारिक जानकारी जैसे सवाल पूछे गए। यह इंटरव्यू प्रक्रिया 4 दिनों तक चलेगी, जिसमें कुल 18 उम्मीदवार शामिल होंगे। अंत में, 3 नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिनका फिर से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा इंटरव्यू लिया जाएगा। CEO पद के लिए 5,300 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन केवल 18 को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें अयोध्या के पूर्व DM योगेश्वर राम मिश्रा का नाम भी शामिल है।
5,300 आवेदकों की स्क्रूटनी
राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद, ट्रस्ट ने CEO पद के लिए 13 से 18 जुलाई के बीच आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदकों से ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से 34 सवालों के जवाब मांगे गए थे। इन सवालों के आधार पर 5,300 आवेदनों की जांच की गई, जिसमें से 18 उम्मीदवारों को योग्य पाया गया।
आवेदकों के लिए आवश्यक शर्तें
आयु सीमा: आवेदक की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
कार्यकाल: CEO की नियुक्ति प्रारंभ में 3 वर्षों के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाया जा सकता है।
अनुभव: सामान्य प्रशासन, वित्त, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और विधि में कम से कम 20 वर्षों का अनुभव आवश्यक है।
आवेदकों से पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्न
गूगल फॉर्म में आवेदकों से व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल मांगे गए थे। इसके अलावा, हिंदी और अंग्रेजी भाषा की समझ से संबंधित सवाल भी थे। आवेदक की शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान नौकरी या रिटायरमेंट की जानकारी भी मांगी गई थी। यह भी पूछा गया कि वह कितने कर्मचारियों का नेतृत्व कर चुका है। आवेदक से यह भी पूछा गया कि क्या वह पहले किसी धार्मिक या सामाजिक संगठन से जुड़ा रहा है। इसके अलावा, आवेदक को यह बताना था कि वह कट्टर हिंदू है या आस्थावान हिंदू। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए उनके विजन और सुझाव भी मांगे गए थे।
