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अयोध्या राम मंदिर दान में गबन की जांच: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार

अयोध्या में राम मंदिर के दान में गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने 150 संदिग्धों की पहचान की है। प्रारंभिक रिपोर्ट में 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई गई है। SIT ने दान की गिनती और बैंक में पैसे जमा करने की प्रक्रिया की जांच की है। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 के दौरान बड़े पैमाने पर गबन हुआ। क्या SIT की रिपोर्ट में और बड़े नामों का खुलासा होगा? जानें पूरी जानकारी।
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अयोध्या राम मंदिर दान में गबन की जांच: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार

जांच की प्रगति

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दान के पैसे में गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने जा रही है। इस छह दिन की जांच में 150 संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।


SIT की टीम ने शनिवार को लखनऊ लौटते हुए पूछताछ किए गए व्यक्तियों को निर्देश दिया है कि वे आगे के आदेश तक शहर नहीं छोड़ें। टीम ने CCTV फुटेज, चंदा इकट्ठा करने की प्रक्रिया, गिनती के तरीके और पैसे को बैंक में ले जाने की प्रक्रिया की गहन जांच की है.


जांच में सामने आए तथ्य

एक रिपोर्ट के अनुसार, SIT की जांच में 150 लोग संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें से 25 के खिलाफ गंभीर मामले बन रहे हैं। दान की गिनती का तरीका संदिग्ध पाया गया है, और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। संदिग्धों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। SIT ने सभी सबूत अपने साथ ले लिए हैं, और गबन का मामला 2025 से चल रहा था।


धांधली का समय

जांच में यह भी पता चला है कि बड़े पैमाने पर गबन प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 के दौरान हुआ। मंदिर की दान पेटियों के पैसे का दुरुपयोग, अनावश्यक खर्च और 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की गई है। SIT की रडार पर कुछ बड़े नाम भी आ सकते हैं.


गिरफ्तार व्यक्तियों के बयान

दान की गिनती करने वाले पांच व्यक्तियों, लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के बयानों के आधार पर अब तक दो करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है। SIT अब अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपकर आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी.