अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का नया खुलासा
चोरी की घटनाओं में वृद्धि
अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में यह सामने आया है कि पहले छोटी-छोटी चोरी की घटनाएं होती थीं, लेकिन महाकुंभ 2025 के दौरान यह समस्या काफी बढ़ गई और संगठित रूप ले ली। उस समय मंदिर में भक्तों की संख्या और चढ़ावे में भी वृद्धि हुई थी।
महाकुंभ के दौरान भक्तों की संख्या
हर दिन औसतन 84 हजार से 1 लाख भक्त मंदिर आते हैं, लेकिन महाकुंभ के पीक दिनों में यह संख्या 10 से 12 लाख तक पहुंच गई। इस चढ़ावे की गिनती के लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता पड़ी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों की सिफारिश पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने यह स्टाफ नियुक्त किया।
भीड़ में अचानक वृद्धि
एक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों की संख्या में वृद्धि हुई, लेकिन महाकुंभ के दौरान यह संख्या अचानक बढ़ गई। चढ़ावे की गिनती के लिए और अधिक लोगों की आवश्यकता महसूस हुई। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के नाम पर भर्ती की गई, लेकिन यह सब भरोसे पर आधारित था।
संगठित चोरी का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट से जुड़े दो व्यक्तियों के बीच भर्ती और चोरी को लेकर विवाद हुआ, जिससे यह मामला उजागर हुआ। पुलिस के अनुसार, पहले भी चोरी की शिकायतें आई थीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया था। कुछ लोगों को पकड़कर पैसे वापस करने के लिए कहा गया।
CCTV फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था
मंदिर में दो CCTV कंट्रोल रूम हैं, एक पुलिस के लिए और दूसरा कैश काउंटिंग सेंटर में। भारी सुरक्षा के बावजूद चोरी की घटनाएं होती रहीं। PAC, CRPF और यूपी पुलिस की कई कंपनियां तैनात थीं, फिर भी सुरक्षा में कमी बताई जा रही है। अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 7 के पास से लगभग 80 लाख रुपये और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। SIT अब पुलिस, SBI अधिकारियों और अन्य की भूमिका की भी जांच कर रही है। FIR दर्ज होने के बावजूद मंदिर में भक्तों की संख्या लगभग पहले जैसी बनी हुई है।
