अयोध्या राम मंदिर में दानपेटिकाओं से नकदी निकालने की प्रक्रिया में वीडियोग्राफी का आदेश
वीडियोग्राफी का नया आदेश
अयोध्या: राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट द्वारा स्थापित दानपेटिकाओं से नकदी निकालने की प्रक्रिया अब वीडियोग्राफी के माध्यम से की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
पहले, दानपेटिकाओं से नकदी और अन्य सामग्री निकालने की प्रक्रिया में वीडियोग्राफी नहीं होती थी, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता था कि किस दानपात्र से नकदी के साथ सोने-चांदी के आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुएं प्राप्त हुई हैं।
जांच में यह चिंता जताई गई है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का लाभ उठाकर गणना कार्य से जुड़े कुछ कर्मी अनियमितताएं कर सकते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए, एसआईटी ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य करने का निर्देश दिया है, ताकि दान सामग्री के संग्रहण और गणना में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से दानपेटिकाओं से प्राप्त नकदी, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का सही रिकॉर्ड रखा जा सकेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी निगरानी संभव होगी। यह कदम आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय सावधानीपूर्वक पत्रकारिता भाषा का उपयोग करता है।
