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अरुणाचल प्रदेश में चीन के दावों का भारतीय सेना ने किया खंडन

भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में कब्जा बढ़ाने के आरोपों को खारिज किया है। सेना का कहना है कि सभी सीमा चौकियां भारतीय नियंत्रण में हैं। यह प्रतिक्रिया पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल की रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें तवांग क्षेत्र में चीनी गतिविधियों का जिक्र किया गया है। चीन ने भी सीमा की स्थिति को सामान्य बताया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और सेना की स्थिति के बारे में।
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चीन के कब्जे के दावों का खंडन


भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में धीरे-धीरे कब्जा बढ़ाने के आरोपों को नकार दिया है। सेना के उच्च अधिकारियों के अनुसार, भारत ने कोई भी क्षेत्र नहीं खोया है और सीमा पर सभी चौकियां भारतीय नियंत्रण में हैं। सेना ने बताया कि कुछ स्थानीय या अन्य दावे सामने आते हैं, लेकिन जब उनकी पुष्टि की जाती है, तो स्थिति सामान्य और नियंत्रण में होती है।


तवांग क्षेत्र में उठे सवाल

यह प्रतिक्रिया पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद आई है। समिति ने यह दावा किया है कि अपर सुबनसिरी जिले के तवांग क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारतीय सैनिकों की पारंपरिक पेट्रोलिंग प्वाइंट्स तक पहुंच को सीमित कर दिया है। इसके अलावा, समिति ने पारंपरिक चरागाहों और शिकार क्षेत्रों में चीनी गतिविधियों में वृद्धि का भी उल्लेख किया।


चीन का 'साउथ तिब्बत' दावा

सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को 'साउथ तिब्बत' बताकर अपना दावा करता रहा है। 1960 में भारत-चीन सीमा वार्ताओं के दौरान भी चीन ने राज्य के बड़े हिस्से पर दावा किया था। सेना ने 1959 के लोंगजू घटनाक्रम का भी उल्लेख किया, जब चीन ने असम राइफल्स की एक चौकी पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया था।


1962 युद्ध और सीमा की चुनौती

सेना के अनुसार, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान कामेंग, सुबनसिरी, सियांग और लोहित घाटियों में चीनी सैन्य कार्रवाई हुई थी। युद्धविराम के बाद PLA कई क्षेत्रों से पीछे हट गई। वर्तमान में, भारत ने सीमा पर सड़क, निगरानी और सैन्य ढांचे को मजबूत किया है। हालांकि, वास्तविक नियंत्रण रेखा का औपचारिक सीमांकन न होने के कारण दोनों देशों की गश्ती टुकड़ियां कभी-कभी आमने-सामने आ जाती हैं।


चीन का बयान - सीमा पर स्थिति स्थिर

विवाद के बीच, चीन ने भारत-चीन सीमा की स्थिति को सामान्य और स्थिर बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर संवाद जारी है। उनके अनुसार, हाल की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई।


PPA समिति की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

PPA की चार सदस्यीय समिति ने 10 जुलाई को तवांग क्षेत्र का दौरा किया था। पूर्व मंत्री और PPA के मुख्य सलाहकार कहफा बेंगिया के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय नेताओं, बुजुर्गों, बुद्धिजीवियों और तैनात रक्षा कर्मियों से बातचीत की। समिति ने अपनी रिपोर्ट में पारंपरिक पेट्रोलिंग और ग्रामीण गतिविधियों तक पहुंच को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, सेना का कहना है कि भारतीय क्षेत्र और सीमा चौकियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं और चीन की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।