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अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों का सुप्रीम कोर्ट में कानून के खिलाफ विरोध

भारत में अर्धसैनिक बलों के लगभग तीन हजार अधिकारियों ने एक नए कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यह कानून अधिकारियों के प्रमोशन से संबंधित है, जिसमें कहा गया है कि अर्धसैनिक बलों में कोई भी अधिकारी डीजी के पद पर नहीं पहुंच सकेगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश को पलटने के लिए उठाया गया है। जानें इस मामले में क्या हो सकता है आगे।
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अर्धसैनिक बलों का ऐतिहासिक विरोध


भारत में एक अनोखी स्थिति उत्पन्न हुई है, जहां इतनी बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी किसी कानून के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं। आमतौर पर, सरकारी कर्मचारी सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं, लेकिन इस बार मामला अलग है। अर्धसैनिक बलों के लगभग तीन हजार अधिकारी और जवान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं, जो कि एक अभूतपूर्व घटना है।


हाल ही में, केंद्र सरकार ने एक नया कानून पारित किया है, जिसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के प्रमोशन के लिए कुछ नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इस कानून के अनुसार, आईजी स्तर के 50%, एडीजी स्तर के 67% और डीजी स्तर के सभी अधिकारी आईपीएस होंगे। इसका मतलब यह है कि अर्धसैनिक बलों में कोई भी अधिकारी डीजी के पद पर नहीं पहुंच सकेगा।


यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले वर्ष, सुप्रीम कोर्ट ने अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को प्रमोशन देने का आदेश दिया था। अब, केंद्र सरकार ने उस आदेश को पलटने के लिए नया कानून बनाया है। इस पर सेवारत अधिकारी अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सर्वोच्च अदालत इस मामले में क्या निर्णय लेती है, क्योंकि यह उसके पूर्व के फैसले को भी प्रभावित कर सकता है।