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अर्शदीप सिंह डांग ने ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स में फाइटर विंग्स हासिल किए

28 वर्षीय अर्शदीप सिंह डांग ने ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स में फाइटर विंग्स हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। चंडीगढ़ में जन्मे डांग ने अपने परिवार के साथ ब्रिटेन में नई जिंदगी शुरू की और सिख दर्शन के चढ़दी कला सिद्धांत से प्रेरित होकर कठिनाइयों का सामना किया। उनकी यात्रा में कई चरण शामिल थे, जिसमें उन्नत प्रशिक्षण और अकेले विमान उड़ाने का अनुभव शामिल है। जानें उनके संघर्ष और सफलता की कहानी।
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सिख दर्शन का प्रभाव


28 वर्षीय अर्शदीप सिंह डांग ने ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स में फाइटर विंग्स हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। यह सफलता उन्हें 14 अगस्त को नॉर्थ वेल्स में आयोजित एक समारोह में मिली। डांग ने इस उपलब्धि का श्रेय सिख दर्शन के चढ़दी कला सिद्धांत को दिया, जो कठिनाइयों में सकारात्मकता बनाए रखने का संदेश देता है।


ब्रिटेन में परिवार का सफर

अर्शदीप का जन्म 1998 में चंडीगढ़ में हुआ था, और जब वह केवल छह वर्ष के थे, तब उनका परिवार ब्रिटेन चला गया। उनके पिता, जगदीप सिंह डांग, लुधियाना के निवासी हैं, जबकि उनकी मां, गगनदीप कौर, अमृतसर से हैं। उनका परिवार इंग्लैंड के साउथॉल में बस गया। डांग ने यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल से गणित और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की।


फरवरी 2022 में उन्होंने ऑफिसर ट्रेनिंग पूरी की और 2023 में प्रारंभिक उड़ान प्रशिक्षण लिया। इसके बाद, उन्होंने साइप्रस में सेवा दी और 2024 में आरएएफ के फास्ट-जेट स्ट्रीम के लिए चयनित हुए।


फाइटर विंग्स की यात्रा

अर्शदीप ने अपने उन्नत प्रशिक्षण को 2025 तक जारी रखा। मार्च 2025 में उन्होंने फास्ट-जेट लीड-इन ट्रेनिंग शुरू की और जुलाई में बेसिक फास्ट-जेट प्रशिक्षण में पहुंचे। अक्टूबर 2025 में उन्हें टेक्सास भेजा गया, जहां उन्होंने अकेले विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लिया। जुलाई 2026 में उन्होंने अपना विंग्स टेस्ट पास किया। अब वह फ्रंटलाइन फाइटर विमान उड़ाने के लिए एक वर्ष तक और गहन प्रशिक्षण लेंगे।