अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के स्वास्थ्य पर प्रभाव: ICMR की चेतावनी
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन और स्वास्थ्य जोखिम
यदि आप नियमित रूप से चिप्स, पैकेट वाले स्नैक्स, मीठे पेय या अन्य अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने चेतावनी दी है कि इन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इससे मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यह जानकारी हाल ही में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में साझा की।
स्वास्थ्य संबंधी शोध और निष्कर्ष
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि वैश्विक स्तर पर की गई वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर ICMR ने यह निष्कर्ष निकाला है कि अधिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इन बीमारियों के पीछे कई कारक होते हैं, जिसमें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन एक ऐसा कारक है जिसे बदला जा सकता है। ICMR ने लोगों को इन खाद्य पदार्थों के संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
UPF की पहचान के लिए दिशानिर्देश
भारतीयों के लिए आहार संबंधी दिशानिर्देश, 2024 में लोगों को अधिक चीनी से बचने, मीठे पेय का बार-बार सेवन न करने और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के सेवन को कम करने की सलाह दी गई है। इन दिशानिर्देशों में पैकेट पर लिखी जानकारी को पढ़कर UPF की पहचान करने के तरीके का भी उल्लेख किया गया है, ताकि लोग खरीदारी करते समय बेहतर निर्णय ले सकें।
