असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
एसआईआर विवाद में ओवैसी का नया कदम
नई दिल्ली। देश में एसआईआर (SIR) को लेकर चल रहा विवाद अब और बढ़ गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने ओवैसी की याचिका को पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य 10 नेताओं ने भी एसआईआर और उससे संबंधित प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। ओवैसी के वकील निजामुद्दीन पाशा ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची से अनुरोध किया कि उनकी याचिका को उन याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया जाए जिन पर गुरुवार को सुनवाई होनी है।
पाशा ने पीठ को बताया कि यह मामला एसआईआर की प्रक्रिया के कार्यान्वयन से संबंधित है। इस पर मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने संकेत दिया कि वह इस मामले और अन्य याचिकाओं पर विचार करेगी।
ओवैसी का लगातार विरोध
लगातार हमलावर हैं ओवैसी
हालांकि ओवैसी हाल ही में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं हुए, लेकिन वे एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि भाजपा सरकार को मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए बनाए गए कानून में बदलाव की आवश्यकता है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन प्रक्रिया गलत है और यह पूरी तरह से कार्यपालिका के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक मंत्री को चुनेंगे, जो कानून मंत्री हैं, और फिर एक नेता प्रतिपक्ष को। इसे बदलने की आवश्यकता है।
मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
मुस्लिमों को हटाने की कोशिश के आरोप
ओवैसी ने एसआईआर के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर 'फॉर्म-7' जमा करके मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 जमा करने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बताया जा रहा है। फॉर्म-7 एक मतदाता आवेदन फॉर्म है, जिसका उपयोग मौजूदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए आपत्ति जताने के लिए किया जाता है। ओवैसी के आरोपों पर तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता एनवी सुभाष ने उन्हें कानूनी रास्ता अपनाने की सलाह दी।
