असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद: भूमि अतिक्रमण के चलते हुई गोलीबारी में आठ घायल
सीमा विवाद में फिर से हिंसा
नई दिल्ली: असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच चल रहे सीमा विवाद ने एक बार फिर गंभीर मोड़ ले लिया है। धेमाजी जिले के मिंगमांग बस्ती में सोमवार सुबह भूमि अतिक्रमण को लेकर विवाद के बाद अचानक गोलीबारी की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। अरुणाचल प्रदेश से आए उपद्रवियों की अंधाधुंध फायरिंग में असम के आठ ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके चलते सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है।
अधिकारियों की स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव लगातार संपर्क में हैं और पुलिस महानिदेशक स्थिति को सामान्य करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि असम की भूमि का एक इंच भी नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है।
दशकों पुराना विवाद फिर से उभरा
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा रेखा के सीमांकन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों राज्य प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मिंगमांग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अक्सर टकराव की स्थिति बनती रहती है। घायलों को तुरंत गोगामुख रूरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उन्हें धेमाजी सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
अतिक्रमण विवाद ने लिया हिंसक मोड़
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह घटना असम के धेमाजी जिले के मिंगमांग इंटर-स्टेट बॉर्डर पर हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि असम की भूमि पर अरुणाचल प्रदेश के कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे कथित अवैध कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा हुआ था। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने असम के लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस हमले में दुर्गेश्वर पातिर, रोहित डोले, नागराज डोले, बिगेश्वर पातिर, पामे पेगु, संजय तयुंग, उत्पल डोले और जान डोले घायल हो गए। सभी घायलों को गोगामुख रूरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें धेमाजी सिविल अस्पताल भेजा गया।
